मालवीय नगर इलाके में सेंट एन्सलम स्कूल की चार वर्षीया छात्रा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत के बाद जयपुर ट्रेफिक पुलिस की नींद टूटी है। अब एक्शन में आई ट्रेफिक पुलिस ने सोमवार से ट्रेफिक रुल्स तोड़ने वाले छात्रों, उनके आॅटोरिक्शा व बस चालकों और परिजनों समेत स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान छेड़ दिया।
पुलिस उपायुक्त यातायात हैदर अली जैदी ने बताया कि सोमवार से शुरू हुए अभियान में यातायात पुलिस जयपुर की 30 टीमें गठित की गई थी। जिसमें करीब 200 यातायात अधिकारियों व कर्मचारियों को लगाया गया। इन टीमों के द्वारा शहर के विभिन्न स्कूलों की चैकिंग के साथ—साथ ट्रेफिक रुल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एमवी एक्ट एवं बालवाहिनी के नियमों के तहत कार्रवाई की गई। इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 110, सीट बैल्ट नहीं बांधने पर 36, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 42, बिना वर्दी स्कूल वाहन चलाने पर 166, आरसी शर्तों का उल्लंघन करने पर 9, बिना लाईसेंस वाहन चलाने पर 17, ओवर लोडिंग वाहनों के 22, मोबाईल पर बातें कर ड्राइविंग पर 2 तथा शराब पीकर वाहन चलाने पर एक तथा अन्य नियमों में 47 चालान किए गए। इस तरह 452 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
डीसीपी के मुताबिक ट्रेफिक पुलिस ने स्कूल प्रबंधनों को निर्देशित किया कि बाल वाहिनी के दिशा निर्देशों का पालन कर बच्चों को स्कूल लाया जाए। स्कूल प्रबंधन अपने आॅटोरिक्शा व बस या अन्य वाहनों के ड्राइवरों का डाटा तथा उनमें आने वाले बच्चों की जानकारी का रिकॉर्ड रखे। वहीं, वाहन चलाने वाले नाबालिग स्कूली बच्चों पर विशेष ध्यान रखें व इनके विरूद्व कार्रवाई कर सम्बन्धित क्षेत्र के पुलिस निरीक्षक को सूचित करें। साथ ही, स्कूल में प्रवेश व निकास के अलग अलग गेट खोलकर रखें। ताकि वहां छुट्टी के वक्त भीड़ इकट्ठठा नहीं हो।
इससे पहले 29 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल, ट्रेफिक डीसीपी हैदर अली जैदी व परिवहन विभाग के अधिकारियों ने “बच्चों की सुरक्षा में स्कूलों की भूमिका” के संबंध में शहर के बड़े स्कूल संचालकों व प्रिंसीपल की एक मीटिंग बुलाकर बातचीत की थी।