अजमेर में शुक्रवार को एक अनोखी घटना देखने को मिली, जहां मानसिक रोगी मां की जान बचाने के लिए बेटी ने अपनी जान गवां दी। मां को डूबता देख बेटी ने पानी में छलांग लगा दी। उधर, लोगों ने मां को बाहर निकाल लिया पर बेटी पानी में डूब गई। दोनों ख्वाजा की दरगाह में जियारत के लिए आई थी।
जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद की रहने वाली मां बेटी अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर माथा टेकने के लिए आई थी। मां बेटी जियारत के बाद आनासागर पहुंची। वहां वे शुक्रवार सुबह स्नान कर रही थी। आनासागर के रामप्रसाद घाट पर स्नान के दौरान मां रहीमा का पैर फिसला और वह डूबने लगी। रहीमा मानसिक रूप से विक्षिप्त थी।
अपनी मां को डूबता देख बेटी नाजिया ने पानी में छलांग लगा दी। अपनी मां को बचाने की कोशिश भी की। हंगामा हुआ तो लोगों ने नाजिया की मां को बचा लिया। बचाने वाले नाजिया तक पहुंचते इससे पहले वह डूब गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची गंज थाना पुलिस ने नाजिया के शव को जेएलएन अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया है। साथ ही, उसके परिजनों को इसकी सूचना दी है। परिजनों की मौजूदगी में नाजिया के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
आनासागर झील पर तैनात गोताखोर उस्मान ने बताया कि हैदराबाद निवासी नाजिया अपनी मानसिक रोगी मां रहीमा को ख्वाजा साहब की दरगाह में जियारत के लिए लाई रहीमा को बचाने के लिए नाजिया ने पानी में छलांग लगा दी। नाजिया ने मां को तो बचा लिया लेकिन उसकी खुद की जान चली गई।