प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी योजना के बाद भी बाजारों में 2-2 हजार रुपए के जाली नोट खपाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसा ही बिहार का एक गिरोह पुलिस की गिरफ्त में आया है जो इन नकली नोटों को असली बताकर बाजार में चला रहा था।
गिरोह के साथी हुबहू असली दिखने वाले 2 हजार रुपए के नकली नोट को दुकानदार को देकर सौ—दो सौ रुपए का सामान खरीद लेते हैं। मामले में पुलिस ने शिकंजा कसते हुए चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई राजस्थान के अजमेर जिले में हुई। जहां क्लाॅक टावर थाना पुलिस ने बाजार में नकली नोट खपा रहे चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो-दो हजार के 42 नकली नोट जब्त किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह ने लगभग एक लाख रुपए के नकली नोट बाजार में खपाने की बात बताई है।
बाजार में इस तरह चलाते हैं नकली नोट
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जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद असीम अंसारी, मोहम्मद आफताब आलम, मोहम्मद सोहेल आलम व समरथ आलम है। ये चारों बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले हैं। क्लाॅक टावर थाने की केसरगंज चौकी प्रभारी एएसआई राजाराम यादव को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग सब्जी मण्डी में दो हजार के नकली नोट चलाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस पर यादव ने मय जाप्ता मौके पर पहुंचकर गिरोह के चार सदस्यों को दबोचा। चारों युवक बिहार के रहने वाले हैं और दो दिन पहले अजमेर आने की बात बताई है। उन्होंने यह भी कबूल किया कि वह लगभग 2 लाख रुपए लेकर आए थे, उसमें से 1 लाख रुपए अजमेर शहर में खपा चुके हैं।
उनकी वारदात का तरीका यह था कि वह दो हजार का नोट देकर सौ रुपए तक सामान खरीद लेते हैं। फिर बाकी रुपए वापस लेकर रवाना हो जाते हैं। बदमाशों के पास से मिले दो हजार के नकली नोट असली नोट से हूबहू मिलते हैं। बदमाशों ने ये नोट कहां से लिए और कौनसा गिरोह ऐसे नोट छाप रहा है, पुलिस इसकी पड़ताल में जुट गई है।