यदि आप जरुरत के वक्त यदि एटीएम से रुपए निकालते है तो थोड़ा संभल जाएं और एटीएम में पिन डालने से पहले कार्ड स्वेप करते वक्त भी सावधानी बरतें। क्योंकि एक अंतराज्यीय गिरोह खाताधारकों के खाते से हजारों रुपए निकालने साइबर क्राइम कर रहा है।
उत्तराखंड में महज तीन दिनों ही इस साइबर ठगी की वारदात से पीड़ित लोगों की संख्या 24 से बढ़कर 53 पहुंच गई है। जिसमें साइबर ठग राजस्थान की राजधानी जयपुर में बैठकर उत्तराखंड के देहरादून में रहने वाले लोगों के हजारों रुपए खातों से एटीएम के जरिए निकाल रहे थे, जबकि ठीक उस वक्त एटीएम कार्ड खाताधारक के पास ही था। जिनका रुपए निकलते वक्त उसने उपयोग ही नहीं किया था।
शनिवार रात तक ही देहरादून के नेहरु कॉलोनी तथा रायपुर थाने में इस सायबर ठगी के 24 मुकदमे दर्ज हो गए। जिनमें खाता धारकों के खाते से 2500 रुपए से लेकर 80 हजार रुपए तक निकाले गए। लेकिन तभी स्थानीय पुलिस एक्टिव हो गई। इसके बाद देहरादून एसटीएफ और संबंधित थाने की पुलिस टीम जयपुर पहुंच गई और जयपुर पुलिस कश्निरेट के सहयोग से ठगों की तलाश में जुट गई।
ताकि शातिर ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके
cyber crime
- फोटो : Demo pic
इस संबंध में जयपुर पुलिस कमिश्नेरेट में डीसीपी क्राइम विकास पाठक का कहना है कि तीन चार सदस्यों की टीम जयपुर आई हुई है। इनमें सबइंस्पेक्टर लेवल के दो पुलिस आॅफिसरों ने बातचीत कर केस से अवगत करवाया है। जिनकों सहयोग देकर तकनीकी अनुसंधान शुरु कर दिया है।
जानकारी के अनुसार प्रारंभिक अनुसंधान में देहरादून के पीड़ितों के रुपए जयपुर के लालकोठी, मानसरोवर, अशोक नगर, शिप्रापथ व अन्य जगहों पर स्थित एटीएम से रुपए निकाले जाने का पता चला है। इसके लिए बैंक प्रबंधन से सहयोग लेकर एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि शातिर ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके।