शहर की महिला उत्पीड़न एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त रामलाल को सात साल की सजा सुनाई है।
सजा के साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर तीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता के नाबालिग होने के कारण प्रकरण में उसकी सहमति कानूनी रूप से कोई मायने नहीं रखती है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि चाकसू थाना इलाके में रहने वाला अभियुक्त 21 मार्च 2012 को पीड़िता को बहला-फुसलाकर बस में बैठाकर सिंधी कैंप ले आया। यहां से दोनों दिल्ली चले गए। घटना के बाद पीड़िता के भाई ने चाकसू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता घर से नकदी और जेवरात भी लेकर गई है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 25 मार्च को दिल्ली से पीड़िता को बरामद कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।