दलित नाबालिग युवती से जबरन दुष्कर्म करने के मामले में एससी एसटी कोर्ट ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने से दण्डित किया।
एससी एसटी कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि अजमेर के सावर थाना क्षेत्र के सादरी गांव में 9 फरवरी 2014 को 14 वर्षीय दलित नाबालिग युवती के साथ गांव के ही देवराज गुर्जर ने खेत में जबरन दुष्कर्म किया। नाबालिग इस दौरान कांटों से जख्मी भी हो गई थी। नाबालिग ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सावर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी देवराज को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। सभी गवाह और दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश किए। इसके आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी देवराज को आजीवन कारावास और 50 हजार रूपए के जुर्माने से दण्डित किया।