गोल्ड लोन कंपनी से 9 करोड़ रुपए कीमत के 26 किलो सोना लूट की वारदात गिरोह के मास्टरमाइंड ने किसी पेशेवर गिरोह से नहीं बल्कि रुपयों का लालच देकर किराए के लुटेरों से करवाई थी। वहीं, इस ब्रांच को निशाना बनाने के लिए गिरोह के मास्टरमाइंड ने गूगल की मदद ली।
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जयपुर के मानसरोवर इलाके में 21 जुलाई को मुत्थुट गोल्ड फाइनेंस कंपनी में हुई इस 9 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन का खुलासा कर जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने पर्दाफाश कर लूट में शामिल गिरोह के तीन आरोपियों को बिहार से धरदबोचा और आज तड़के लेकर जयपुर पहुंची। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शुभम उर्फ सेतु उर्फ शिब्बू भूमिहार उम्र 21 साल, दूसरा आरोपी पंकज उर्फ बुल्ला यादव उम्र 25 साल और तीसरा आरोपी विशाल कुमार उर्फ विक्की उर्फ रहमान उम्र 27 साल है। ये तीनों बिहार के वैशाली जिले में हाजीपुर के रहने वाले है। पिछले काफी अरसे से तीनों उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट में किराए से रह रहे थे।
इन्होंने पूछताछ में गिरोह के दो अन्य साथी सुबोध उर्फ राजीव व अन्नू के साथ मिलकर वारदात करना बताया है। इसके अलावा गिरोह में मास्टरमाइंड समेत तीन और बदमाश है। जिनकी तलाश में पुलिस टीमें बाहर भेजी गई है। तब पुलिस को...
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इन शहरों में भी कर चुके है डकैती
प्रेसवार्ता में मौजूद एडिशनल कमिश्नर व अन्य अधिकारी
- फोटो : Vishnu Sharma
एडीसीपी प्रफुल्ल कुमार के मुताबिक गिरोह का मास्टरमाइंड ने गूगल मेप के जरिए जयपुर में मुत्थूट गोल्ड लोन कंपनी में डकैती करने की योजना बनाई थी। वह हर वारदात में नए लड़के गिरोह में शामिल करता है। जिन्हें कुछ रुपयों का लालच देता है। मास्टरमाइंड ने जयपुर से पहले विशाखापत्तनम, नागपुर, पश्चिम बंगाल व अन्य शहरों में वारदातें की है।
मास्टरमाइंड ने गैंग में शामिल साथी पंकज उर्फ बुल्ला की मदद से 3 अगस्त को मुत्थूट फाइनेंस कंपनी की ब्रांचों की रैकी करवाई। इसमें मानसरोवर स्थित मुत्थूट फाइनेंस कंपनी का चयन किया। इसके बाद दिल्ली जाकर अपने साथियों के साथ वारदात की योजना बनाई।
गैंग के आठ साथियों के साथ मास्टरमाइंड टोंक जिले में पहुंचा। जहां निवाई कस्बे में एक कमरा किराए पर लिया। वहीं, करीब 18 दिन तक ठहरे। इसके बाद 21 अगस्त को दो मोटरसाइकिलों पर आठ बदमाश मानसरोवर स्थित मुत्थुट गोल्ड लोन कंपनी के आॅफिस पहुंचे। जहां चार बदमाश पिस्टल लेकर कंपनी में घुस गए और जबकि चार बदमाश कंपनी के आॅफिस के बाहर आसपास मौजूद रहे।
बदमाशों ने वारदात कर 26 किलो सोना लूटा और अजमेर रोड व टोंक रोड से होकर निवाई पहुंचे। वहां गिरोह के मास्टरमाइंड ने लूटा गया सोना खुद के पास रखा और गैंग के शुभम को एक लाख तथा विक्की को पांच लाख रुपए दे दिए। इसके बाद सभी अलग-अलग रास्तों से भाग निकले।
डीसीपी साउथ योगेश दाधीच के मुताबिक वारदात से पहले गिरोह ने आगरा से एक नई और एक पुरानी मोटरसाइकिल खरीदी। इसके बाद वे दिल्ली पहुंचे और फिर बाइक से ही टोंक व जयपुर पहुंचे।
वारदात के बाद इस लूट के खुलासे के लिए डीसीपी क्राइम विकास पाठक के निर्देशन व एसीपी मानसरोवर देशराज यादव, मानसरोवर थानाप्रभारी सुरेंद्र सिंह राणावत के नेतृत्व में गठित टीम में कमिश्नरेट की सीआईयू टीम, सायबर सेल के प्रभारी हैडकांस्टेबल रतनदीप व मानसरोवर थाने के हैडकांस्टेबल मुकेश ने अहम भूमिका निभाई।
इसके अलावा शिवदासपुरा थानाप्रभारी दीपक खंडेलवाल, झोटवाड़ा थानाप्रभारी गुरुभूपेंद्र सिंह, चौमूं जितेंद्र सिंह, सोढाला थानाप्रभारी सुनील प्रसाद को टीम में शामिल किया गया। जिन्होंने तकनीकी आधार पर मिले इनपुट के आधार पर बिहार व दिल्ली में दबिश दी और गिरोह का खुलासा कर तीन आरोपियों को धरदबोचा।