गिरफ्तार तस्करों से बरामद अफीम के बैग
- फोटो : Amar Ujala
नारकोटिक्स विभाग की टीम ने एसयूवी कार में अफीम छिपाने का तरीका देखा तो वे भी दंग रह गई। इस कार में खास जगह बनाकर 40 किलोग्राम अफीम छिपा रखी थी।
नारकोटिक्स ब्यूरो की जोधपुर टीम को अफीम तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर किशनगढ़-अजमेर के बीच गेगल के पास एक एसयूवी लग्जरी कार को नाकाबंदी कर रुकवाया। इस कार में 40 किलोग्राम अफीम ले जाई जा रही थी। नारकोटिक्स विभाग ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में बिलाड़ा, जोधपुर निवासी श्रवणराम, मंडोर जोधपुर निवासी अर्जुनराम और ओमप्रकाश है।
नारकोटिक्स अधिकारियों का दावा है कि पिछले तीन साल में नारकोटिक्स ब्यूरो, जोधपुर की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। जब्त की गई अफीम की बाजार कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है।जोधपुर नारकोटिक्स ब्यूरों के निदेशक विजेन्द्रसिंह के निर्देशन में मादक पदार्थो की तस्करी के खिलाफ ब्यूरों द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
यूं छिपा रखी थीं अफीम
कार में दरवाजों के पीछे यूं छिपाई अफीम
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नारकोटिक्स विभाग की टीम ने कार की तलाशी ली तो पहली नजर में कुछ नहीं मिला। मुखबीर की सूचना पक्की थी, इसलिए इसकी अच्छी तरह तलाशी ली और इस दौरान कार के दरवाजों में स्पीकर वाली जगह जांच की तो प्लास्टिक के पैकेट में छिपाकर ले जाई जा रही अफीम बरामद हुई। गाड़ी में अफीम छिपाने का यह तरीका देख नारकोटिक्स विभाग की टीम भी दंग रह गई।
टीम ने अफीम और गाड़ी को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ चल रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह अफीम झारखण्ड से लाई जा रही थी और इसकी सप्लाई जोधपुर और आसपास इलाकों में होनी थी।