सोशल मीडिया पर शंभूलाल का वायरल हुआ पहला वीडियो 2 मिनट 25 सेकंड का है, जबकि दूसरा वीडियो 6 मिनट 19 सेकंड का है। जिसमें शंभूलाल ने एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में जेल में बंद पश्चिम बंगाल निवासी वासुदेव से अपनी जान को खतरा बताया है। जेल प्रशासन ने इसे महज भ्रम फैलाने वाला बयान बताया।
जेल अधीक्षक के मुताबिक गहनता से तलाशी के बाद भी मोबाइल फोन बरामद नहीं मिला है। शंभूलाल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, शंभूलाल भी नहीं बता रहा है कि किसकी मदद से वह मोबाइल फोन जेल में उसके वार्ड तक पहुंचा। जोधपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक के मुताबिक रविवार रात को यह वीडियो वायरल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद शंभूलाल के साथ बैरक में बंद दूसरे आरोपी वासुदेव को अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
आरोपी शंभूलाल ने 6 दिसंबर को राजसमंद में अफराजुल नाम के व्यक्ति की नृशंस हत्या कर दी थी। इस वारदात का अपने नाबालिग भांजे से मोबाइल फोन के जरिए लाइव वीडियो बनवाया। फिर इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शंभूलाल को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह न्यायिक अभिरक्षा में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। जेल में मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आने के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।