सिर्फ एक गोली चलाकर 925 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी डकैती को नाकाम करने वाला यह जांबाज कांस्टेबल अब राजस्थान का सुपर हीरो बन गया है। इसने ना सिर्फ करोड़ों की लूट होने से बचाया बल्कि राजस्थान पुलिस की साख को भी गिरने से बचा लिया। इसी साहस को सलाम करते हुए राजस्थान पुलिस के मुखिया डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर साहसी कांस्टेबल सीताराम की ना सिर्फ पीठ थपथपाई, बल्कि बहादुरी पर विशेष पदोन्नति का तोहफा भी दिया। इस संबंध में आईजी हैडक्वार्टर संजीव कुमार नार्जरी ने कल पुलिस कांस्टेबल सीताराम की पदोन्नति के डीजीपी के निर्देशानुसार आदेश जारी किए।
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इस तोहफे से कांस्टेबल के गांव में जश्न का माहौल
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- फोटो : amar ujala
आदेश में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने के फलस्वरूप पुरस्कार एवं पदोन्नति के लिए गठित कमेटी की अभिशंसा पर राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियमावली के नियम 28-अ के तहत विशेष पदोन्नति देने की बात कही गई है। बहादुरी पर सीताराम को मिले इस तोहफे से साथी पुलिसकर्मियों, अधिकारियों के अलावा उसके गांव में जश्न का माहौल है। जानकारी के अनुसार, 5 फरवरी को देर रात एक इनोवा में सवार 15 हथियारबंद बदमाश राजधानी जयपुर के पॉश इलाके सी-स्कीम में रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक पहुंचे थे। वहां बैंक के गार्ड प्रमोद के सिर पर रिवॉल्वर तानकर उससे मारपीट की और बंधक बना लिया।
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सीसीटीवी मॉनिटर पर हलचल देखी, तब सूझबूझ से गोली चला दी
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सीसीटीवी तस्वीरें
- फोटो : Amar Ujala
5 फरवरी की रात को पुलिस कांस्टेबल सीताराम बैंक की सुरक्षा में तैनात था। उसने सीसीटीवी मॉनिटर पर बैंक परिसर में हलचल देखी। तब वह माजरा भांप गया। उसने साहस दिखाते हुए खिड़की के सुराख से एक गोली चला दी। इससे बदमाश घबराकर खाली हाथ ही फरार हो गए। तब पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने पुलिस मुख्यालय से कांस्टेबल सीताराम के विशेष पदोन्नति देने की अनुशंसा की थी। वहीं, इस मामले में कार्रवाई करते हुए जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल पुलिस ने ज्वॉइंट आॅपरेशन कर नौ बदमाशों को धरदबोचा।
12वीं में क्लास टॉपर रहा, 2015 में पुलिस में भर्ती
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सीताराम
- फोटो : Amar Ujala
टीचर बनने की हसरतें रखने वाला कांस्टेबल सीताराम मूल रूप से सीकर जिले के पूनियाणा गांव का रहने वाला है। वह बारहवीं कक्षा में स्कूल में अपनी क्लास का टाॅपर रहा था। वर्ष 2015 में वह परीक्षा पास कर राजस्थान पुलिस में भर्ती हुआ था। प्रोबेशन पूरा होने के बाद वह रिजर्व पुलिस लाइन शहर में आया। जहां से एक्सिस बैंक की सुरक्षा गार्ड में उसकी पहली पोस्टिंग हुई। मजदूरी करने वाले माता-पिता का वह इकलौता बेटा है। सीताराम ने खेतों में काम करते हुए पढ़ाई की। बीएड कर सरकारी टीचर बनना चाहता था, लेकिन किस्मत उसे पुलिस जॉब में ले आई।
सीताराम के मुताबिक 28 जनवरी को एक्सिस बैंक में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। तब ड्यूटी आॅफिसर सुरेंद्र सिंह ने गश्त करते हुए गार्ड चैकिंग करते हुए बैंक पहुंचे। सुरेंद्र सिंह ने ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल सीताराम से राइफल पोजीशन में लेकर दिखाने को कहा। वह ऐसा नहीं कर सका तब सुरेंद्र सिंह ने उसे डांट-फटकार लगाई थी। इसके बाद सीताराम ने अलर्ट रहने का निश्चय कर लिया। इसी की बदौलत सीताराम ने वारदात के वक्त मुस्तैदी दिखाई और बहादुरी दिखाते हुए तत्काल सूझबूझ से गोली चला दी।