प्रेमिका की नृशंस हत्या, कट्टे में लाश
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एक महिला और परिचित व्यक्ति के बीच एक साल चला प्रेम प्रसंग महज 60 हजार रुपयों के लिए पहले ब्लैकमेलिंग और फिर प्रेमिका के नृशंस मर्डर पर जाकर खत्म हुआ। शातिराना तरीके से हत्या की वारदात करने वाला प्रेमी आखिरकार पुलिस के चंगुल में फंस ही गया।
हत्या की यह वारदात राजस्थान के करौली जिले में कैलादेवी थाना इलाके में मंदिर के समीप 28 जनवरी की रात को हुई थी। पुलिस अधीक्षक करौली अनिल कयाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रकाश उर्फ ओमप्रकाश प्रजापत (38) मूल रूप से गांव महोली, थाना सदर करौली का रहने वाला है।
आरोपी फिलहाल शिवपुरी बी काॅलोनी, गंगापुर सिटी में रहता है। वह चुनाई व ठेकेदारी का काम करता है। वहीं, हत्या की शिकार केशंती पत्नि हरीकेश जोगी निवासी सैनिक नगर, गंगापुर सिटी की रहने वाली थी। वह ठेकेदार प्रकाश के पास मजदूरी करने जाती थी।
यह थी बड़ी वजह, जिस वजह से रची हत्या की साजिश
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पिछले करीब एक साल से आरोपी प्रकाश और केशंती के बीच नजदीकियां बन गई। इससे प्रकाश उसे तीन-चार बार कैला देवी भी घुमाने लेकर आया था। हत्या के 10-15 दिन पहले केशंती ने प्रकाश से 60 हजार रुपए मांगे। रुपए देने से इनकार करने पर केशंती ने प्रकाश पर दबाव डालते हुए उसे अंजाम भुगतने की धमकियां देते हुए ब्लैकमेल किया। जिससे घबराकर प्रकाश ने केशंती की हत्या की साजिश रची।
योजना के मुताबिक प्रकाश बहाना बनाकर केशंती को 28 जनवरी के दिन कैलादेवी लेकर आया। उसने केशंती को मंदिर में छोड़ा और फिर खेरागढ़वालों की धर्मशाला में किराये पर कमरा लिया। इसके बाद प्रकाश ने केशंती को धर्मशाला के कमरे में ले जाकर चाकू से गला काटकर हत्या कर दी।
आरोपी ने चाकू और प्लास से केशंती के दोनों पैर काटकर चांदी के भारी कडे़ निकाल लिए। फिर वहीं खून लगे हुए शर्ट व मफलर को पीछे बाथरूम के पास फेंक दिया। इसके बाद धर्मशाला के कर्मचारी हरी गोसाईं और वहां आने-जाने वाले वीरेंद्र जाटव के साथ मिलकर एक रजाई में केशंती की लाश को लपेटा।
घर से मजदूरी के लिए निकली थी
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इतना सब करने के बाद आरोपी प्लास्टिक के कट्टे में लाश को लपेटकर देर रात 11 बजे धर्मशाला के साइड के गेट से लाश को बाहर गली में पटक कर आ गए। इसके बाद कमरा साफ कर खून से सने तकिये-गद्दे गली के बाहर फेंक दिए। अगले दिन 29 जनवरी को गली में प्लास्टिक के कट्टे में महिला की लाश पड़ी होने की सूचना मिली।
तब पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड टीम ने बारीकी से पड़ताल की। तब धर्मशाला के चैनल गेट के पास खून के निशान मिले। पड़ताल में सामने आया कि केशंती देवी की गुमशुदगी रिपोर्ट 29 जनवरी को थाना गंगापुर सिटी में दर्ज हुई थी। वह घर से मजदूरी के लिए निकली थी। इसके बाद अपनी जगह पुत्रवधू को काम पर लगाकर बिना बताए चली गई थी।
पूछताछ में धर्मशाला के मैनेजर और प्रसाद बेचने वाली एक महिला से अहम जानकारी मिली। तब सीसीटीवी फुटेज में आरोपी प्रकाश का चेहरा भी सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने ओमप्रकाश को गंगापुर सिटी से धरदबोचा। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।