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लग्जरी गाड़ी में हो रहा था ये घिनौना काम, हत्थे चढ़े दलाल

Wed, 06 Dec 2017 08:40 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
डेमो इमेज - फोटो : Demo pic
मुखबीर की सूचना पर पीसीपीएनडीटी सेल ने डिकॉय आॅपरेशन कर गर्भ में भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। 



सौदा तय होने पर अरोपी फॉरच्यूनर गाड़ी में अवैध रूप से गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की जांच करते थे। पीसीपीएनडीटी टीम ने पीछा कर दो दलालों को गिरफ्तार कर उनकी पंजाब नंबर की गाड़ी जब्त कर ली। बाकी साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। यह कार्रवाई सीकर जिले के फतेहपुर में की गई। 


स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेशक एवं राज्य पीसीपीएनडीटी सेल के समुचित प्राधिकारी नवीन जैन ने बताया कि गत दिनों लिंग जांच करवाले वाले गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि के बाद पीसीपीएनडीटी सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर उमेश निठारवाल के नेतृत्व में टीम वहां पहुंची। मंगलवार को दोपहर बाद गर्भवती महिला व सहयोगी को रुपए देकर दलाल के पास भेजा गया। दलाल ने गर्भवती महिला व सहयोगी को फतेहपुर शेखावाटी के मुख्य बस स्टेण्ड पर बुलाया।
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दलालों ने भी अपने एजेंट बना रखे है

operation pcpndt - फोटो : File photo
इसके बाद आरोपी दलाल दीपेन्द्र इन्हें फॉरच्यूनर गाड़ी में बैठाकर ले गया। करीब 1 घंटे बाद लिंग जांच की सूचना सहयोगी ने राज्य पीसीपीएनडीटी टीम को दी। इस पर टीम ने तुरंत घेराबंदी करते हुए फतेहपुर शेखावाटी तहसील के गांव सदीनसर निवासी दीपेन्द्र पुत्र गंगाधर व खुडी निवासी दिनेश को धरदबोचा। गैंग में शामिल दो अन्य लोग अपंजीकृत सोनोग्राफी मशीन लेकर दूसरी गाड़ी से फरार हो गए। 

पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह में 22 दलाल ऐसे हैं जो कि गर्भवती महिलाओं को लिंग जांच के लिए अवैध सोनोग्राफी संचालक तक पहुंचाने का काम करते है। इसके लिए उन्हें पांच हजार रुपए प्रति केस मिलता है। हर महीने 25 से 30 गर्भवती महिलाओं की जांच हो जाती है। इन दलालों ने भी अपने एजेंट बना रखे है। 
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