जाली नोट मामलों की जयपुर की विशेष अदालत ने जाली नोट छापकर बाजार में चलाने वाली गैंग के सदस्यों श्रवणराम नाई, मेघराज परिहार, अरुण जैन, दिनेश सेन, रामकिशन जाट, माणक जाट और कालू राम जाट को पांच साल की सजा सुनाई है। जबकि अभियुक्त अनिल दर्जी को दो साल की सजा मिली है। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर कुल दो लाख पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
प्रकरण में अभियुक्त किशन गौड को जेल प्रशासन की ओर से पेश नहीं करने पर अदालत ने उसे दोषसिद्ध ठहरा दिया है। इस अभियुक्त को बृहस्पतिवार को सजा सुनाई जाएगी। वहीं एक अन्य विजयकुमार फरार चल रहा है। जबकि तोलाराम, सोमनाथ, बनवारी और शरद के खिलाफ पुलिस ने जांच लंबित रखी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि नागौर थाना पुलिस को 19 जनवरी 2009 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अभियुक्त ढाई हजार रुपए में दस हजार रुपए के नकली नोट देते हैं।