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कारोबारी को व्यापार के बहाने बुलाकर अपहरण, बंधक बना 23 लाख की फिरौती वसूली

Thu, 25 Jan 2018 08:43 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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वारदात में शामिल पांच आरोपी गिरफ्तार - फोटो : Vishnu Sharma
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देहरादून में रहने वाले एक कारोबारी को व्यापार के बहाने राजधानी में बुलाकर अपहरण कर करीब साढ़े 23 लाख रुपए की फिरौती वसूलकर छोड़ने का मामला सामने आया है।
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भनक लगते ही पुलिस ने अपहरण और वसूली की वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार हो गया। उसने रुपयों का लालच देकर आरोपी युवकों को अपनी गैंग में शामिल कर वारदात को अंजाम दिया।

डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार (31), शुभम शर्मा (19), सुनील कुमार यादव (20), हरीश कुमार यादव (19) और अजय कुमार यादव (19) साल है। इनमें आरोपी मुकेश हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है, जबकि अन्य चारों आरोपी हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले हैं।
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बंधक बनाकर जमकर मारपीट

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पुलिस के अनुसार, ये पांचों आरोपी कॉलेज छात्र हैं। वारदात का मास्टरमाइंड मनीष शर्मा उम्र 30 साल पहले ही फरार हो गया। वह राजस्थान में अलवर जिले के शाहजहांपुर का रहने वाला है। उसकी तलाश जारी है। देहरादून, उत्तराखंड निवासी संदीप ढाका ने 23 जनवरी को जयपुर के खोहनागोरियान थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था।

जिसमें बताया कि उसका संपर्क आरोपी मास्टरमाइंड मनीष शर्मा से हुआ था। जिसने उसे व्यापार करने के बहाने जयपुर बुलाया। तब पीड़ित संदीप ढाका अपने साथियों सीए जगदीप सिंह, कुलदीप सिंह के साथ जयपुर पहुंचा।

जहां सीएसआर फंड के बदले मोटा कमीशन देकर व्यापार करने की बातचीत की। आरोपी मनीष शर्मा उन तीनों युवकों को जगतपुरा स्थित इंदिरा गांधी नगर में एक मकान पर ले गया। वहां मनीष और उसके साथियों ने मिलकर संदीप ढाका और उसके दोनों दोस्तों को बंधक बनाकर जमकर मारपीट की।
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आपस में ही उलझ पड़े अपहरणकर्ता, तभी पहुंची पुलिस

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अपहरणकर्ता ​गैंग ने संदीप और उसके दोनों साथियों से करीब साढ़े 23 लाख रुपए की फिरौती अपने खातों में जमा करवा ली। इसके बाद उन्हें धमकाकर छोड़ दिया। थानाप्रभारी इंद्राज मारोड़िया के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने संदीप के परिचित योगेंद्र शर्मा को भी उसी मकान पर मिलने के लिए बुला लिया।

जब योगेंद्र वहां पहुंचा तो आरोपियों ने उसे भी बुरी तरह पीटा और रुपए मंगवाने का दबाव डाला, लेकिन योगेंद्र वहां से चकमा देकर फरार हो गया। उसने खोहनागोरियान पुलिस को सूचना दी। दूसरी तरफ, पांचों आरोपियों को पुलिस के आने का अंदेशा हुआ तब अपहृत युवकों की कार से भागने की योजना बनाई।

लेकिन वे आपस में पुलिस केस में फंसने को लेकर उलझ गए। इसी बीच पुलिस टीम वहां पहुंच गई और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मास्टरमाइंड मनीष शर्मा पहले ही चकमा देकर वहां से फरार हो गया।
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