मकसद था दूसरी गैंग का सफाया करना। गैंगवार की पूरी तैयारी थी, तभी पुलिस को सूचना मिली और फिर पांच बदमाशों को दबोच लिया।
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अजमेर पुलिस की स्पेशल टीम ने आज अन्तरराज्यीय गैंग को बड़ी वारदात अंजाम देने से पहले ही दबोच लिया। आरोपियों के पास से अवैध हथियार मिले हैं। गैंग ईनामी बदमाश वरुण चौधरी के ईशारे पर दूसरी गैंग के बदमाश का मर्डर करने की योजना बना रही थी।
अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि पूर्व में हुए रामकेश मीणा हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी वरुण चौधरी के ईशारे पर उत्तरप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के पांच बदमाश अजमेर में वारदात अंजाम देने आए थे। सभी बदमाश अलवर गेट थाना क्षेत्र के मदार टैम्पो स्टैण्ड के पास योजना बना रहे थे।
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घेराबंदी कर दबोचा सभी को
हथियारों का जखीरा
- फोटो : अमर उजाला
स्पेशल टीम के सहायक उपनिरीक्षक मनोज चौहान की सूचना पर घेराबंदी कर सभी को दबोचा गया। चौधरी ने बताया कि इनके कब्जे से 2 पिस्टल, 1 डबल बैरल देशी कट्टा, 2 डबल बैरल राइफल, एक सिंगल बैरल राइफल और 68 जिंदा कारतूस जप्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ये बदमाश आज वरुण चौधरी के चाचा धर्मेन्द्र चौधरी के हत्यारे संजय मीणा के साले की हत्या कर उसके घर में डकैती डालने आए थे। पकड़े गए बदमाशों में हरियाणा के पलवल निवासी मनीष कुमार, उत्तरप्रदेश के बागपत निवासी राजीव पंवार उर्फ मन्नू, मुजफ्फरनगर निवासी गौरव सिंह, भरतपुर निवासी जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतू और अजमेर के घूघरा घाटी निवासी विजय सिंह है।
सभी बदमाशों के पूर्व में भी लूट, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। गैंग को पकड़ने वाली टीम में अलवर गेट थानाधिकारी हरिपाल सिंह, उपनिरीक्षक विजय सिंह, एएसआई मनोज चैहान, हैड कॉन्सटेबल मनोहर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, श्याम सिंह सहित अन्य थे।