पद्मावती फिल्म के विवाद के बीच जयपुर के नाहरगढ़ किले की बुर्ज पर एक युवक की लटकी मिली लाश अभी भी पहेली बनी हुई है। चार दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस खुद सवालों में उलझी है। वे जिन सवालों के जवाब दे रही है, उनमें भी ठोस कारण सामने नहीं आए है।
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घटना के वक्त शुक्रवार सुबह प्रथमदृश्टया पुलिस ने शराब के नशे में युवक द्वारा किले पर कोयले से पद्मावती और चेतन तांत्रिक से जुड़े विवादित अंश लिखकर बुर्ज से खुदकुशी करने का दावा किया था। शव की शिनाख्त जब नाहरी का नाका, शास्त्री नगर निवासी चेतन सैनी उम्र 35 वर्ष के रुप में हुई तब परिजनों ने पुलिस के दावे को साफ नकार दिया और कहा कि चेतन ने कभी भी शराब नहीं पी। वह मिलनसार था और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और घर में ऐसी कोई वजह नहीं कि वह किले पर जाकर खुदकुशी करें।
ये है पुलिस और परिजनों में परस्पर विरोधाभासी दावे
किले पर लटकी लाश को उतरवाती पुलिस
- फोटो : Vishnu Sharma
इसके बाद पुलिस ने मृतक चेतन पर लाखों रुपए का आर्थिक कर्ज होने की बात कहते हुए संभवतया इससे परेशान होकर खुदकुशी का दावा किया, लेकिन परिजनों ने इससे भी इंकार कर दिया। उनका कहना है कि चेतन पर कर्ज भले ही था, लेकिन घर और व्यापार में ऐसा कोई भारी अवसाद या तनाव नहीं था।
इससे उससे खुदकुशी का यह कदम उठाना पड़े। वहीं, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि घटनास्थल पर हत्या के साक्ष्य नहीं मिले है। कोई संघर्ष भी नहीं नजर आया। हत्या की बात को नकार चुकी पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने भी प्रथमदृश्टया चेतन की मौत सुसाइड से होने की संभावना जताई है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी रस्सी से गला घुटने पर मौत की बात कही है।
सेल्फी सामने आने के बाद इन दावों पर खड़े हुए सवाल
मृतक चेतन सैनी के मोबाइल से मिली आखिरी सेल्फी
- फोटो : Amar Ujala
पुलिस का यह भी कहना है कि किले पर जाते वक्त चेतन अकेला था। तब कोई उसके साथ नहीं था। सीसीटीवी फुटेज और किले पर ली सेल्फी में भी चेतन खाली हाथ नजर आ रहा है। उसके पास प्लास्टिक की रस्सी नजर नहीं आ रही है। उसके चेहरे पर भी कोई तनाव नहीं है।
जिस बुर्ज पर चेतन की लाश लटकते हुए नजर आई। वहां से चेतन ने सेल्फी नहीं ली थी। जिस जगह से सेल्फी ली गई वह करीब 50 मीटर दूरी पर स्थित बुर्ज है। अब ऐसे में सवाल है कि चेतन ने खुदकुशी की तो फिर नई और इतनी मोटी व बड़ी रस्सी का इंतजाम किले पर कैसे किया?
क्या गुमराह करने के लिए लिखी गई यह विवादित बातें
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- फोटो : Amar Ujala
घटना स्थल के आसपास पत्थरों पर कोयले से जो बातें लिखी है उसको लेकर भी कई सवाल उठ रहे है। वह कोयले कहां से लाया और यदि उसने ही कोयलों से पत्थरों पर लिखा है तो वहां कोयले के और टुकड़े बरामद क्यों नहीं हुए?
सवाल यह भी उठता है कि एक सामान्य परिवार से जुड़े चेतन ने मरने से पहले किले पर इतनी भड़काउ बातें क्यों लिखी? क्यों वह काफिरों को तलाश कर मारना चाहता था?सवाल उठता है कि ये बातें क्या उसी ने लिखी या फिर किसी और शातिर व्यक्ति ने हत्या को खुदकुशी का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने की नियत से लिखा।
वहां लिखे शब्दों की हैंडराइटिंग पर भी कोई एक्सपर्ट राय नहीं आ सकी है। घटनास्थल पर चेतन के एक जूते में चाय के तीन चार छोटे कप मिले। वे किसके थे? क्या ये कप भी वो खुद लेकर गया था या फिर पहले से वहां मौजूद लोगों ने उन कपों का उपयोग किया था।
यदि कहने को कुछ है तो सिर्फ इतना कि...सीसीटीवी फुटेज में..
सीसीटीवी फुटेज में चेतन सैनी
- फोटो : amar ujala
अगर पत्थरों पर लिखे गए विवादित अंश चेतन ने लिखे तो क्या वह इतिहास और पद्मावती के बारे में इतनी जानकारी रखता था कि वह पत्थरों पर चेतन तांत्रिक मारा गया। इसका भी जिक्र मरने से पहले करता। पुलिस के पास इन सब सवालों के कोई ठोस जवाब नहीं है।
यदि कहने को कुछ है तो सिर्फ इतना कि सीसीटीवी फुटेज में वह अकेला था। इसलिए हत्या नहीं हुई। लेकिन रस्सी हाथ में नहीं थी तो फिर सुसाइड कैसे। इसका जवाब पुलिस अधिकारियों के पास भी नहीं। वहीं, चेतन की पत्नी द्वारा दी गई हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज करने से पुलिस कतरा क्यों रही है। यह एक बड़ा सवाल है। जिनके जवाब मिलना बाकी है।