हल्के मानसून की वजह से लाखों रुपए के कर्ज में डूबे एक किसान ने जिंदगी से मुंह मोड़ लिया और खेत पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद से किसान के परिजन और स्थानीय ग्रामीण सदमे में हैं। वहीं, आक्रोशित लोगों ने किसान के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग को लेकर शव का दाहसंस्कार नहीं होने दिया। आखिरकार, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाईश कर मामला शांत करवाया।
यह मामला है राजस्थान के भरतपुर जिले में डीग थाना क्षेत्र का। जहां जनूथर तहसील के गांव जाटौली थून में रहने वाले जाटौली थून निवासी भगवान सिंह जाट (43) ने रविवार रात को फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। थानाप्रभारी कन्हैयालाल चौधरी ने बताया कि खुदकुशी का पता कल सुबह चला। तब वे उच्चाधिकारियों के साथ पहुंचे। शव कब्जे में लेकर डीग अस्पताल पहुंचाया। वहीं, किसान भगवान सहाय जाट की खुदकुशी की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। वे डीग अस्पताल पहुंच काफी संख्या में इकट्ठा हो गए।
बेटियों की शादी के लिए लिया था कर्ज...
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- फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलने पर जिला परिषद के सदस्य और किसान नेता नेमसिंह फोजदार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीग एसडीएम दुलीचंद मीणा को राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें मृतक भगवान सहाय जाट को कर्जा माफी एवं मुआवजा राशि दिए जाने की मांग करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया।
बाद में, एसडीएम के आश्वासन पर शव का अंतिम संस्कार हो पाया। परिजनों के मुताबिक मृतक भगवान सिंह पर करीब 10 से 15 लाख रुपए का कर्जा था। वह पिछली फसल खराब होने से परेशान चल रहा था। इस बार भी मानसून हल्का होने और बरसात नहीं होने से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला।
इससे खेत में बोई गई फसल खराब हो गई। बताया जा रहा है कि भगवान सहाय ने अपनी दो बेटियों की शादी के लिए मोटा कर्ज ले रखा था। जिसे उसने फसल अच्छी होने पर चुकाने की सोच रखी थी। लेकिन बारिश अच्छी नहीं होने से फसल अच्छी नहीं होने से वह तनाव में आ गया। इसके चलते रविवार देर रात को भगवान सहाय जाट ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।