राजस्थान के भरतपुर में ओबीसी में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज का कल से भरतपुर-मथुरा हाईवे के पास रारह गांव में महापड़ाव शुरू होगा। इसके लिए भरतपुर धौलपुर आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी गांव-गांव पंचायत कर समाज के लोगों को आंदोलन के लिए एकजुट करने में लगे हैं।
जाट समाज की ओर से मिली जानकारी के अनुसार महापड़ाव की तैयारियां पूरी हो चुकी है। महापड़ाव में भारी संख्या में जाट समाज के लोगों के एकजुट होने की उम्मीद है। जिससे आंदोलन का रुख अख्तियार किया जाएगा। गौरतलब है की गत फरवरी 2016 में हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान भरतपुर में भी जाट समाज ने आंदोलन किया था। जो कि तीन दिन बाद सरकार के साथ समझौते के बाद स्थगित हुआ। इसके अलावा सरकार की पहल पर ओबीसी आयोग का गठन किया गया था। जिसने समाज का सर्वे पूरा कर लिया है, लेकिन अभी तक सरकार ने आयोग से रिपोर्ट नहीं मांगी है जिससे जाट समाज के लोगों में नाराजगी है।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। जिसके दौरान गांव—गांव में पंचायत कर लोगों को आंदोलन के लिए एकजुट होने का आह्वान कर गुरुवार से महापड़ाव का एलान कर दिया। जानकारी के अनुसार बुधवार को भरतपुर-जयपुर नेशनल हाईवे पर स्थित छोकरबाड़ा में जाट पंचायत का आयोजन किया गया। जहां गुरुवार से शुरू होने जा रहे महापड़ाव में भारी संख्या में भाग लेने के लिए लोगों से अपील की गयी। जिससे वे अपनी शक्ति सरकार को दिखा सके और आंदोलन को सफल कर सके।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह ने बताया की सरकार हर बार समाज को झूठे आश्वासन देकर समाज को गुमराह कर रही है लेकिन इस बार समाज ने आर— पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। महापड़ाव को रोकने के लिए जाट समाज और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी। लेकिन वार्ता विफल रही। वहीं, महापड़ाव को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली है।