जयपुर कमिश्नरेट में सिंधीकैंप थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली से जयपुर के बीच चलने वाली वोल्वो बस में सवार यात्रियों के लेपटॉप चुराने और उन्हें औने—पौने दामों में खरीदने बेचने का व्यापार करता है। गिरोह के कब्जे से पुलिस ने चुराकर बेचे गए आठ लेपटॉप बरामद किए है। उन्होंने लाखों रुपए कीमत के 36 लेपटॉप चुराना कबूल किया है।
डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड व सरगना कमल कुमार पंजाबी है। वह हरियाणा जिले के फरीदाबाद के वल्लभगढ़ गांव का रहने वाला है। अभी नई दिल्ली में पहाड़गंज के पास किराए से रहता है। दूसरा आरोपी राजगढ़ चुरु निवासी आरोपी मुकेश कुमार है। वह इन दिनों उत्तम नगर, नई दिल्ली में रह रहा है। तीसरा आरोपी योगेंद्र कुमार उर्फ योगेश ठाकुर है। वह फरीदाबाद हरियाणा में रहता है।
एसीपी नीरज पाठक ने बताया कि आरोपी कमल पंजाबी ने शेयर मार्केट में नुकसान होने से लाखों रुपए का कर्ज हो गया। इस पर वह मुंबई जाकर घोड़ों की रेस में रुपया दांव पर लगाने लगा। जिसमें भी उस पर लाखों रुपए आर्थिक कर्ज हो गया। तब उसने चोरी की वारदातें करना शुुरु की। इसके लिए वह घर नहीं जाकर दिल्ली से टिकट लेकर वोल्वो बस में बैठता और बीच सफर ही लेपटॉप चुराकर नीचे उतर जाता। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
कंडक्टर के संदेह पर पकड़ा गया शातिर चोर
शातिर गिरोह का पर्दाफाश
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जानकारी के अनुसार वोल्वो बसों में यात्रियों के लेपटॉप चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए एसीपी नीरज पाठक के निर्देशन में सिंधीकैंप थानाप्रभारी मनफूल गोदारा के नेतृत्व में टीम गठित की थी। टीम में शामिल हैडकांस्टेबल सुरेश कुमार और कांस्टेबल राजेंद्र ने जानकारी जुटाई तो एक वोल्वो बस के कंडक्टर ने बताया कि एक लड़का दिल्ली से जयपुर की टिकट खरीदकर वोल्वो बस में सफर करता है। लेकिन वह सफर पूरा नहीं कर बीच रास्ते में ही उतर जाता है।
इस पर सादावर्दी में पुलिसकर्मियों ने कंडक्टर की निशानदेही पर उसी बस में सफर कर आरोपी कमल कुमार को दबोच लिया। पूछताछ में उसने नेहरु पैलेस, कालका नई दिल्ली में आरोपी मुकेश व योगेंद्र को चोरी के लेपटॉप बेचना बताया। तब पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।