महिला उत्पीडऩ एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने पत्नी के हत्यारे अभियुक्त पति राकेश साहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर चालीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि अंजूदेवी ने 8 अगस्त 2013 को एसएमएस के बर्न वार्ड में पर्चा बयान दिया था कि वह अपने पति राकेश साहू के साथ धाबास में रहती है। उसका पति कोलकाता की एक युवती से शादी करना चाहता था। जिसके चलते पति उसके साथ आए दिन मारपीट करता था। घटना के दिन शाम को पति शराब के नशे में आया और अंजू देवी पर केरोसीन छिड़क कर आग लगा दी। इलाज के दौरान अंजू देवी की 9 अगस्त को मौत हो गई।
इस पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि अंजूदेवी अपने चार बच्चों को छोड़कर अभियुक्त के साथ आ गई थी। रिश्ते में अंजू अभियुक्त की चाची लगती थी, लेकिन दोनों ने बाद में शादी कर ली थी।