छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी। नाबालिगों के प्रति बढ़ते लैगिंग अपराध को देखते हुए कोर्ट ने न केवल आजीवन कारावास बल्कि शेष प्राकृतिक जीवन जेल में ही काटने के आदेश दिए हैं।
दरअसल अनुसूचित जाति जनजाति अदालत के विशिष्ठ न्यायाधीश मधुसुदन शर्मा ने आज एक छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी भवानी सिंह को आजीवन कारावास की सजा के आदेश दिए हैं। जैसे ही कोर्ट ने आरोपी भवानीसिंह को सजा के आदेश दिए तो कोर्ट के बाहर खडे़ उसके परिजन एक बारगी बिलख पडे़।
परिजन आरोपी के गले लगकर रोने लगे जिनको रोकने का प्रयास किया तो किसी ने बेहोश होने का नाटक किया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल सभी को हटाकर आरोपी को जेल भेज दिया। उसके बाद भी परिजन कोर्ट परिसर में हंगामा करते नजर आए।
ये है पूरा मामला
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
मामले के अनुसार विशिष्ट लोक अभियोजक हुकमसिंह गहलोत ने बताया कि 22 अगस्त 2015 को एक निजी विद्यालय की वेन चलाने वाले आरोपी भवानी सिंह पुत्र घेवरसिंह के खिलाफ रातानाडा थाने में छह वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ झाड़ियों में दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज करवाया गया।
आरोपी के खिलाफ पुलिस ने पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत चालान पेश किया गया। आज कोर्ट ने आरोपी को सभी धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व आरोपी का शेष प्राकृतिक जीवन कारावास में ही काटने के आदेश दिए है। इसके साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।