अजमेर के एससी-एसटी न्यायालय ने 15 वर्षीय किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुराचार करने व विषाक्त देने के मामले में फैसला सुनाया है। न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास और 80 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।
एससी-एसटी न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि पुष्कर थाना क्षेत्र के छोटी होकरा निवासी नानू सिंह रावत अपनी गांव की ही किशोरी से छेड़छाड़ करता था। जब परिजनों ने विरोध जताया तो वह 5 सितम्बर 2014 को उसे अगवा कर माकड़वाली गांव के जंगल में ले गया।
यहां उसके साथ दुराचार किया और उसे विषाक्त देकर मौत के घाट उतारना भी चाहा। ग्रामीणों की मदद से किशोरी को अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 8 गवाह और 27 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए।
इसके आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी को अगवा करने, दुष्कर्म करने सहित विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास और 80 हजार रुपए के जुर्माने से दण्डित करने की सजा सुनाई। आरोपी घटना के बाद से ही न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है।