आनंदपाल के अंतिम संस्कार में शामिल लोग
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पुलिस एनकाउंटर में 19 दिन पहले मारे गए कुख्यात गैंगस्टर आनन्दपाल का आखिरकार बृहस्पतिवार को नागौर जिले के सांवराद गांव में अंतिम संस्कार हो गया। अंतिम संस्कार में लोगों के शामिल होने के लिए कर्फ्यू में एक घंटे की ढील दी गई और इसके बाद फिर कर्फ्यू लगा दिया गया। नागौर, चूरू और बीकानेर में इंटरनेट सेवाएं तीन से बंद हैं।
अंतिम संस्कार के पहले गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने चेतावनी दी थी कि यदि 24 घंटे में परिजन अंतिम संस्कार नहीं करते, तो सरकार ही आनन्दपाल के शव का अंतिम संस्कार कर देगी। उन्होंने कहा कि यदि एनकाउंटर की सीबीआई जांच करवानी है, तो कोर्ट जाएं। पुलिस ने बिलकुल सही एनकाउंटर किया है।
गौरतलब है कि आनन्दपाल के परिजन व राजपूत समाज एनकाउंटर को फर्जी बता रहा है और सीबीआई जांच की मांग को लेकर बुधवार को हुई हिंसा में रोहतक निवासी लालचंद की मौत और 18 पुलिसकर्मियों के सहित तीन दर्जन लोग घायल हो गए थे। हिंसा के दौरान घायल एक पुलिसकर्मी आईसीयू में भर्ती है।
राजपूत समाज के 150 से अधिक लोगों को पकड़ा...
डी-फ्रिज में मौके तक लाए गैंगस्टर आनन्दपाल की लाश
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कटारिया ने कहा कि पुलिस ने हिंसा के दौरान राजपूत समाज के 150 से अधिक लोगों को पकड़ा है। साथ उत्पात मचाने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
हिंसा के बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी सरकार को कहा था कि अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए 24 घंटे में शव के अंतिम संस्कार किया जाए। इसके बाद परिजनों को समझाने के लिए पुलिस अधिकारियों को भेजा था। आनन्दपाल का शव परिजनों ने डी-फ्रिज में घर से आंगन में रखा हुआ था।
एनकाउंटर से पहले आनन्दपाल डेढ़ वर्ष से फरार था और करीब एक साल पहले पुलिस ने पकड़ने के प्रयास किए थे, जिसमें आनन्दपाल ने फायर कर एक पुलिसकर्मी को मारकर फरार हो गया था। आनंदपाल का एनकाउंटर 24 जून को किया गया था। उसके बाद दो बार उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया।