जयपुर कमिश्नरेट ने भले ही बैंक कर्मचारी व मैनेजर बनकर फर्जी फोन कॉल्स कर ठगी की वारदातें करने वाले गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर ली हो। लेकिन इसके बाद भी ठगी की इन वारदातों का सिलसिला जारी है। ऐसे ही दो मामले कमिश्नरेट के पश्चिम जिले के करधनी थाने में दर्ज हुए है।
पहली वारदात निवारु रोड, करधनी निवासी जोगेंद्र लांबा की बहन के साथ हुई। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि उनकी बहन के पास मोबाइल पर 16 मार्च को एक फोन आया था। फोनकर्ता ने खुद को बैंक से कर्मचारी बताया और कहा कि आपका एटीएम कार्ड बंद हो गया है। उसे वापस चालू करवाने के लिए ओटीपी नंबर और खाता संख्या बताना होगा। ठग की बातों में आकर जोगेंद्र की बहन ने गोपनीय जानकारी दे दी। इसके बाद उनके खाते से 65 हजार रुपए निकल गए। तब उन्हें मोबाइल पर आए मैसेज से ठगी का पता चला।
ठीक ऐसी ही दूसरी वारदात गोविंद विहार, 60 फीट रोड करधनी निवासी श्यामसुंदर कुमावत से हुई। अज्ञात ठगों ने उन्हें बैंककर्मी बनकर फोन कॉल किया और खाते से 40 हजार रुपए निकाल लिए। जिनकी जांच थानाप्रभारी अनिल जसोरिया कर रहे है।