टोंक जिले के कोतवाली थाने में मंगलवार सुबह विधायक अजीत मेहता के पुत्र विशाल और कोटा भाजयुमो अध्यक्ष सम्यक जैन से मारपीट मामले में शाम को पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार निलंबित पुलिसकर्मियों में एएसआई राजपाल सिंह, हैडकांस्टेबल बद्री, कांस्टेबल आरिफ, जितेंद्र व बृजेन्द्र को निलंबित कर दिया गया। अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार किसी व्यक्ति ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट कर दी थी। इस पर टोंक विधायक अजीत मेहता का पुत्र विशाल व सभापति लक्ष्मी जैन के भतीजे तथा भाजयुमो शहर अध्यक्ष सम्यक जैन मंगलवार सुबह पीड़ित को साथ लेकर एफआईआर दर्ज करवाने कोतवाली थाने पहुंचे।
थाने में पुलिसकर्मियों और विधायक पुत्र व अध्यक्ष में किसी बात पर बहस हो गई। आरोप है कि आपसी तनातनी के बाद तैश में आकर पुलिसकर्मियों ने जबर्दस्ती विधायक पुत्र विशाल और भाजयुमो अध्यक्ष सम्यक जैन को हवालात में बंद कर दिया और उनकी डंडों व बैल्ट से मारपीट कर दी। जिसमें उनके गहरी चोटें आई।
थाने में मारपीट का पता चलने पर विधायक मेहता और सभापति लक्ष्मी जैन कोतवाली थाने पहुंचे। दूसरी तरफ, घटना के बाद विधायक और पार्टी के समर्थकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। टोंक शहर के सैंकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंच गए। वहां दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर थाने का घेराव कर दिया।
नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य बाजार में जाम लगा दिया। मामला गरमाने पर टोंक एसपी प्रीति जैन, एएसपी अवनीश कुमार शर्मा भी कोतवाली थाने पहुंचे। जहां विधायक और पुलिस अफसरों के बीच वार्ता के बाद पांचों पुलिसकर्मियों को निलंंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस संबंध में टोंक विधायक मेहता ने सीएम राजे से भी शिकायत की थी।