अपनी लाड़ली का बैग खुद के कंधे पर उठाए स्कूल छोड़ने जा रहे पिता के दिल पर जिंदगी भर का बोझ आ गया। चार साल की मासूम अपने पिता की अंगुली थामे स्कूल की ओर बढ़ रही थी, जिसका दरवाजा कुछ कदम ही दूर था। एकाएक मासूम के हाथ से उसके पिता की अंगुली फिसल गई और बस, एक कदम पीछे छूटी बच्ची क्रेन की चपेट में आ गई। पिता ने पीछे मुड़कर देखा तो कुचल चुकी लाड़ली को देश गश खाकर गिर पड़ा।
दिल को झकझोर देने वाला यह हादसा मंगलवार सुबह मालवीय नगर इलाके में केलगिरी रोड पर सेंट एन्सलम स्कूल के सामने हुआ। हादसे की शिकार बच्ची के पिता को भी चोटें आई। वहां मौजूद लोगों ने क्रेन के ड्राइवर को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार सिद्दार्थ नगर, जगतपुरा निवासी धर्मसिंह मीणा एक कॉपरेटिव बैंक में असिस्टेंट मैनेजर है। इसी साल उन्होंने अपनी बेटी साढ़े चार साल की बेटी सानवी को मालवीय नगर के सेंट एन्सलम स्कूल में भर्ती करवाया था।
सुबह करीब 7 बजे धर्मसिंह मीणा अपनी बेटी सानवी को स्कूल छोड़ने गए थे। उन्होंने सेंट एन्सलेम स्कूल के सड़क के दूसरी तरफ गाड़ी खड़ी कर दी। इसके बाद सड़क पार कर स्कूल की तरफ आगे बढ़े। धर्मसिंह की बेटी सानवी ने उनकी अंगुली पकड़ रखी थी। तेज रफ्तार में चलते हुए धर्मसिंह सड़क के बीच बने डिवाइडर पर चढ़ गए। लेकिन बच्ची पीछे छूट गई और वह क्रेन से कुचल गई।
सूचना मिलने पर मालवीय नगर व दुर्घटना अनुसंधान पूर्व ईकाई पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन को जब्त कर शव को मोर्चरी भिजवाया।
सानवी की चीख ने पिता का दिल चीर दिया
तेज रफ्तार क्रेन
- फोटो : Amar Ujala
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पिता की अंगुली पकड़े हुए बेटी सानवी बस एक कदम पीछे रह गई। वह पिता के साथ डिवाइडर पर चढ़ने वाली ही थी कि तभी अपेक्स सर्किल की तरफ से आ रही तेज रफ्तार क्रेन ने टक्कर मार दी और उसे कुचलते हुए आगे निकल गई।
बेटी सानवी की अंगुली छिटकते ही वह चीख पड़ी और उसके पिता धर्म सिंह भी डिवाइडर पर गिर पड़े। उनके हाथ में चोट लगी। लेकिन जान बच गई। इसके बाद धर्मसिंह तो उठ गए लेकिन बेटी सानवी मौत की नींद सो चुकी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कूल के सामने सड़क पर एक डिवाइडर पर बना है। लेकिन वह तय मानक शर्तों पर नहीं बना है। जिससे वाहन स्कूल के नजदीक ब्रेकर पर चढ़कर उतरते ही तेज रफ्तार पकड़ लेते है। इसी तरह, वहां सड़क पार कर रहे बच्चों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है।