अजमेर में एक सेवानिवृत्त व्यक्ति द्वारा पुलिस की शह पर युवक को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक के परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक से रामगंज थाना पुलिस के खिलाफ आरोप लगाते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
रामगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली आशा बढ़ारिया का आरोप है कि उसके भाई मनीष ने सेवानिवृत्त लिपिक सांवरलाल मण्डरावलिया से बीस हजार रुपए लिए थे। इसके बदले में काफी ब्याज की राशि दे चुका है लेकिन उसका मूल अब तक नहीं चुक रहा। इसके चलते ब्याज के रुपयों को लेकर सांवरलाल ने मनीष को घर में बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की। साथ ही, उसका एक्टिवा स्कूटर, सोने की अंगूठी और नगदी छीन ली।
जब इसकी रिपोर्ट रामगंज थाना पुलिस को करवाने गए तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय मनीष को ही शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा ब्याजखोर के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उन्हें ही धक्के देकर निकाल दिया गया। मामले में एसपी ने पीड़ितों की बात सुनकर जांच कराने और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार ने एसपी को चेतावनी भी दी कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जाती तो परिवार भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो जाएगा।