यौन शोषण के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद फलाहारी बाबा को आज मेडिकल के लिए लाया तो गया, लेकिन बाबा एक नई जिद्द पर अड़ गया।
दरअसल, फलाहारी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य महाराज को आज केंद्रीय कारागार अलवर से सामान्य चिकित्सालय मेडिकल के लिए लाया गया। इस दौरान बाबा पुलिस की गाड़ी से नीचे नहीं उतरा, जिसके कारण मेडिकल टीम को पुलिस की गाड़ी में ही बाबा का मेडिकल करना पड़ा।
फलाहारी महाराज को 15 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय कारागार भेजा गया था, जिसके बाद पहली बार आज सावन चिकित्सालय में मेडिकल के लिए लाया गया। जहां कड़े पुलिस पहले के बीच बाबा का मेडिकल कराया गया। पांच सदस्य चिकित्सा की टीम ने बाबा का मेडिकल किया।
पोटेंसी टेस्ट में खुल गई थी पोल
फलाहारी बाबा
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद फहालारी बाबा का मेडिकल टेस्ट करवाया गया, जिसमें बाबा का वह दावा खारिज हो गया कि बाबा नपुंसक है। फलाहारी का कहना था कि वह इस तरह की जड़ी बुटियां लेता है। बाबा का पोटेंसी टेस्ट करवाया गया, जिसमें बाबा का दावा गलत निकला। बाबा की जेल में रात भी बेहद कठिनाई से निकल रही है। उसे वहां खाने को केले मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि लॉ इंटर्न 21 वर्षीय अनुयायी पिछले महीने बाबा का आर्शीवाद लेने उसके अलवर स्थित मधुसूदन आश्रम पहुंची थी। आरोपानुसार फलहारी महाराज ने अपने आश्रम के गुप्त कमरे में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था।
6 अक्टूब तक जेल में
फलाहारी को नीचे उतरने के लिए कहता सुरक्षाकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि यौन शोषण के मामले में फंसे फलाहारी बाबा को कोर्ट ने छह अक्टूबर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है। पुलिस ने अदालत में कहा था कि बाबा अपना अपराध कबूल कर चुका है और अधिक पूछताछ की जरूरत नहीं है। बाबा की ओर से अदालत में जमानत के लिए याचिका उनके वकील की ओर से लगाई गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
इधर, जब पुलिस बाबा को कोर्ट में लेकर पहुंची, तो बाबा ने मीडिया से कहा था कि मुझे फंसाया गया है, मैं पूर्ण रुप से निर्दोष हूं। बाबा ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है। इस दौरान कोर्ट में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। बाबा का पुलिस ने अलवर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा मेडिकल कराया था, जहां उसके स्वस्थ होने की रिपोर्ट आई थी।