अलवर जिले के रामगढ़ पुलिस थाने में मंगलवार को जहानपुर कालोनी निवासी सतनाम सिंह की पुलिस हिरासत में मौत के बाद बुधवार को भी आक्रोश बना रहा। थानाप्रभारी समेत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित लोगों ने रामगढ़ कस्बे को बंद रखा।
सतनाम सिंह के परिजनों और अन्य लोगों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से भी इंकार कर दिया। आखिरकार, स्थानीय विधायक ज्ञानदेव आहूजा की समझाइश कर सतनाम सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। हालांकि मामले में एक एएसआई और एक कांस्टेबल को निलंबित करने की खबर भी है।
जहानपुर निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि नोट बंदी के दौरान उनके परिजन सतनाम सिंह ने स्थानीय व्यक्ति फजरु को 2 बिस्वा जमीन बेची थी। रजिस्ट्री प्लॉट के हिसाब से होनी थी इसलिए 10 बिस्वा जमीन बेचने का एग्रीमेंट हुआ था। फजरु खां मंगलवार को सतनाम के पास आया और रजिस्ट्री करवाने की मांग करने लगा। लेकिन सतनाम ने बिना पैसे दिए रजिस्ट्री करने से मना कर दिया।
इसके बाद फजरु खां ने रामगढ़ थाने में सतनाम के खिलाफ शिकायत दे दी। इसी सिलसिले में रामगढ़ थाने के दो पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में हरियाणा नंबर की गाड़ी से जहानपुर पहुंचे और सतनाम को अपने साथ थाने ले आए। परिजनों का आरोप है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने सतनाम सिंह से काफी मारपीट की। जिससे उनकी तबियत बिगड़ गई। तब पुलिस ने सतनाम सिंह को रामगढ़ के अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी मौत हो गई।
इसके बाद परिजनों ने पुलिस की पिटाई से सतनाम की मौत होने का आरोप लगाया। गुूस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने रामगढ़ थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। तब एएसपी पारस जैन, सीओ अनिल बेनीवाल समेत सर्किल के थानाप्रभारी और अतिरिक्त जाब्ता मौके पर पहुंचा। वहीं, क्षेत्रीय विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को ढांढ़स बंधाया। थाने पहुंचकर पुलिस व प्रशासन से बातचीत कर मृतक के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा देने की मांग रखी।