महिला उत्पीडन एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने विवाह के पांच माह बाद पत्नी की हत्या करने वाले अभियुक्त राजेशकुमार मीणा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही पीठासीन अधिकारी रेखा राठौड़ ने अभियुक्त पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि अनुराधा का बस्सी निवासी अभियुक्त के साथ 13 मार्च 2013 को विवाह हुआ था। बेरोजगार अभियुक्त आए दिन शराब पीकर अनुराधा से मारपीट करता था। घटना की रात 25 अगस्त 2013 को उसने गला घोंटकर अनुराधा की हत्या कर दी। प्रकरण को लेकर मृतका के पिता नरसीराम मीणा ने बस्सी थाने में दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज कराया, लेकिन अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर प्रकरण को हत्या का मानते हुए अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।