बच्ची, जिसे बाप के प्यार की छांव में रहना था और दादा के दुलार से खेलना था, वह इन रिश्तों के लिए ही बोझ बन गई थी। बाप और दादा को शर्म महसूस होने लगी। फिर तो उन्होंने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया।
मामला अलवर की सदर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस ने वर्ष 2012 में बाला किला में हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए आज मृतक बालिका धोली के दादा को गिरफ्तार किया है। चौदह वर्षीय मृतका के दादा ने अपने ही पुत्र के साथ मिलकर सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर अपनी ही पोती की गला घोटकर हत्या कर दी थी।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 में सदर थाना क्षेत्र स्थित बाला किला के जयपोल से 1 किलोमीटर पहले एक बच्ची की लाश पड़ी मिली थी। जिसकी शिनाख्त नहीं होने पर उसका अंतिम संस्कार पुलिस द्वारा ही किया गया। इसके 5 साल बाद सदर थाना पुलिस ने आज जांच पड़ताल के बाद मृतका की हत्या के मामले में उसके दादा ईश्वर सिंह को गिरफ्तार किया। मृतका की ताई सुनीता चौधरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि धोली के पिता राजेश और उसके दादा ईश्वर सिंह अपनी पुत्री को नहीं चाहते थे। उसके मंदबुद्धि होने पर अपने आप को कोसते थे और अंतिम बार उन्होंने धोली को उसके दादा के साथ जाते हुए देखा था। इस पर सदर थाना पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए आरोपी दादा को गिरफ्तार कर लिया है जिसने अपना जुर्म स्वीकार किया है। दादा ने बालिका का गला घोटकर हत्या करना कबूल किया है। पुलिस मृतका के पिता राजेश की तलाश कर रही है।