मौजमस्ती में बिगड़े दो नाबालिग छात्रों ने अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा अपराध कर दिया। पुलिस ने इन दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना राजस्थान के टोंक जिले की निवाई तहसील की है। यहां 70 वर्षीय भंवर कंवर पत्नी स्वर्गीय किशनसिंह राजावत गांव लुहारा में स्थित अपने मकान में अकेली रहती थी। वह घर में ही परचूनी के सामान की दुकान करती थी।
शनिवार देर रात को लूट के ईरादे से दोनों बाल अपचारी छात्र मौका पाकर भंवर कंवर के मकान में घुस गए। इसी दौरान इनकी आहट से भंवर कंवर की आंख खुल गई। वृद्धा ने इसका विरोध किया और वो आरोपियों को पहचान गई। इससे घबराकर दोनों ने चाकू से गोदकर भंवर कंवर की हत्या कर दी और उसके जेवर व अन्य कीमती सामान लूटकर भाग निकले।
हथियार की जरुरत थी...
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- फोटो : Amar Ujala
रविवार सुबह वारदात का पता चलने पर टोंक एसपी प्रीति जैन, एएसपी अवनीश शर्मा व उपाधीक्षक सुनील कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने वारदात का खुलासा कर दोनों बालअपचारियों को धरदबोचा। दोनों बाल अपचारियों ने लूट की नीयत से वृद्धा की हत्या करना स्वीकार किया है। वारदात में प्रयुक्त खून से लथपथ उनके कपड़े और चाकू बरामद कर लिया है।
एसपी टोंक प्रीती जैन के मुताबिक दोनों बाल अपचारी इसी गांव के रहने वाले है। दोनों बाहरवीं कक्षा के छात्र है। इनमें एक जयपुर में पढ़ता है, जबकि दूसरा टोंक में पढ़ता है। पूछताछ में दोनों बाल अपचारियों ने खुलासा किया कि किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार की जरुरत थी। इसके लिए रुपयों का इंतजाम करना था।
जिसके लिए उन्होंने मृतका के मकान में घुसकर नकबजनी की साजिश रची ताकि चोरी कर मोटा माल गायब कर सके। पूछताछ में यह भी सामने आया कि छात्र पैसे की जरुरत को पूरी करने के लिए चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।