कनकपुरा फाटक के पास तीन माह पहले गोली मारकर युवक की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी शहर के भानुप्रताप गैंग का गुर्गा है और भानुप्रताप के मर्डर के बाद उसका गिरोह चला रहा है।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम जिले के डीसीपी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 38 वर्षीय केसर सिंह है, जो रेनवाल में गांव बागावास का रहने वाला है। अभी वर्तमान में यह बैनाड़ रोड पर दादी का फाटक स्थित आनंद विहार ए में रहता है। उसके कब्जे से करीब एक लाख रुपए भी बरामद हुए है।
आपसी रंजिश में केसर सिंह ने 28 अप्रैल को सुबह करीब साढ़े नौ बजे कनकपुरा फाटक के पास श्रीरामनगर, झोटवाड़ा निवासी हिस्ट्रीशीटर सुनील लखेरा की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। करधनी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी थी।
हत्या के लिए एडवांस में पांच लाख रुपए की सुपारी
हत्या
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पुलिस की स्पेशल टीम में शामिल कांस्टेबल अमित सिंह को आरोपी केसर सिंह के कोटा जिले में बारां रोड पर बोरखेड़ा में छिपे होने की सूचना मिली। इस पर एडिशनल डीसीपी रतन सिंह के निर्देशन में करधनी थानाप्रभारी अनिल जसोरिया, झोटवाड़ा थानाप्रभारी गुरुभुपेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर सवाई सिंह, कांस्टेबल अमित सिंह, अजेंद्र सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम गठित कर कोटा भेजा गया। पुलिस टीम ने कल आरोपी केसर सिंह को कोटा से धरदबोचा और उसे लेकर जयपुर पहुंची।
एसीपी झोटवाड़ा आस मोहम्मद के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि केसर सिंह वारदात के बाद जयपुर में रविंद्र के पास रुका। इसके बाद खानपुर, झालावाड़, लखनऊ, नेपाल बार्डर पर यूपी के एक फार्महाउस पर, भीलवाड़ा, उज्जैन व कोटा में चार महिनों तक छिपकर रहा। उसने राजस्थान में किसी व्यक्ति की हत्या के लिए एडवांस में पांच लाख रुपए की सुपारी भी ले रखी है।
यह भी खुलासा हुआ है कि केसर सिंह की अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद शिवराज सिंह की गैंग से रंजिश चल रही है। शिवराज की गैंग के किसी साथी की हत्या के लिए केसर सिंह व उसकी गैंग हथियारों और रुपयों की व्यवस्था के लिए कोटा के स्थानीय व्यापारियों को धमकाकर वसूली कर रहे थे।