आखिरकार, दसवां दिन भी बीत गया और परिजनों की मांगें नहीं माने जाने की वजह से आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। इधर, राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने भी प्रसंज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि कैसे हो सकता है आनन्दपाल के शव का दाह संस्कार।
गांव में आज कई राजपूत नेता पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि दोबारा पोस्टमार्टम के बाद चुरू पुलिस ने शनिवार को आनंदपाल का शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया था। तब से शव बिना डीफ्रिज के आनंदपाल के पैतृक गांव सांवरदा में रखा है।
आनन्दपाल के शव का क्षरण हो रहा है और संक्रमण फैलने की भी आशंका है। वहीं, दूसरी तरफ श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी सोमवार को सांवरदा गांव आनंदपाल के परिजनों से बातचीत करने पहुंचे।
ड्रोन से रखी जा रही है चप्पे-चप्पे पर नजर
अपनी एके 47 गन के साथ ढेर हुआ आनंदपाल सिंह
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जानकारी के अनुसार कालवी के साथ कई वाहनों का काफिला था। उनके साथ राजपूत संगठनों के पदाधिकारी और नेता शामिल थे। जिससे उम्मीद जताई जा रही थी कि सोमवार को आनंदपाल के अंतिम संस्कार काे लेकर चल रहा गतिरोध खत्म हो सकता है। लेकिन देर शाम तक ऐसा नहीं हुआ।
सांवराद में बड़ी संख्या में लाेगों के पहुंचने की सूचना पर पुलिस सतर्क हाे गर्इ है। नागौर के एसपी परिस देशमुख ने मौके पर भारी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात किया है। साथ ही गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं आैर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दिए गए तथा ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।
वहीं, आईजी रेंज अजमेर मालिनी अग्रवाल तथा एसपी नागौर पारिस देशमुख ने भी वहां मोर्चा संभाल रखा है।