पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो एटीएम हैंग करके एवं एटीएम कार्ड को बदलकर ठगी करते है। इस अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों के पास एक दर्जन से अधिक एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
यह कार्रवाई राजस्थान में अलवर के उद्योग नगर थाना पुलिस ने की। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मिर्जा खां उम्र 19 साल निवासी अंधरोला थाना हथीन जिला पलवल हरियाणा, दूसरा आरोपी वसीम अकरम उर्फ अकरम खां उम्र 28 साल, तीसरा आरोपी सरफू खां उम्र 20 साल और परवेज उर्फ पल्ला मेव उम्र 22 साल है। ये तीनों आरोपी हरियाणा जिले में गांव उटावड़, तहसील बहीन, जिला पलवल के रहने वाले है।
आरोपी अपने गांव से लक्जरी गाड़ी से किसी शहर में पहुंचते है। वहां होटल में रुकते है। इसके बाद सूने इलाकों में एटीएम की रैकी करते है। वहां ज्यादातर गोल बटन वाले एटीएम को चुनते है। इसके बाद उस एटीएम के पास खड़े हो जाते है और जब कोई व्यक्ति एटीएम मे पैसे निकालने आता है। तब गैंग में शामिल दो तीन ठग भी एटीएम में अन्दर घुस जाते है।
फिर यूं करते थे कार्ड की अदला-बदली
एटीएम से पैसे निकालते लोग
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एएसपी पारस जैन के मुताबिक जब पैसे निकालने वाला व्यक्ति अपने एटीएम को मशीन में लगाकर ट्रांजेक्शन प्रक्रिया शुरु करता है। तब वहां मौजूद आरोपी पीड़ित के एटीएम पिन नम्बरों को देख लेते है। तभी एक आरोपी पीड़ित के पास खड़ा हो जाता है।
फिर एटीएम मशीन पर लगे 4 बटनों में से किसी भी एक बटन को हाथ की सफाई से दबा कर खड़ा हो जाता है। इससे मशीन हैंग हो जाती है। इसके बाद वहां मौजूद अन्य बदमाश पैसे निकालने वाले व्यक्ति को जल्दी से पैसे निकालने व मशीन में पैसे नहीं होने या मशीन खराब होने की बात कहकर उसे बाहर निकाल देते।
इसके बाद बाहर खड़े अन्य दो साथी पीड़ित पर निगरानी रखते है तथा अन्दर वाले बदमाश तुरन्त उस दबाये हुए बटन को छोड़कर कुछ रुपए निकाल लेते है। शेष रकम में से अपने साथ लाए फर्जी एटीएम कार्डों में कार्ड के उपर लिखे 16 डिजिट के नम्बरो के आधार पर उसमें ट्रान्सफर कर देते है।
यूं पकड़ में आए आरोपी
एटीएम
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मीणापुरा निवासी सुनीता मीणा से 24 सितंबर को वारदात हुई थी। उसके एसबीआई बैंक खाता जारी एटीएम को बदलकर उसमें से 40,000 रुपए नगद व 32,000 रुपए ट्रांसफर कर लिए।
इसी तरह, 2 सितंबर को करनैल सिंह निवासी कमालपुर जब एटीएम मशीन से पैसे निकालने गया तब वहां मौजूद शातिर ठग से एटीएम कार्ड को आॅपरेट करवाया। ठग ने एटीएम में पैसे नहीं होने का झांसा देकर पीड़ित करनैल सिंह का एटीएम कार्ड बदल लिया और फिर खाते से 10,000 रुपए निकाल लिए।
जिसकी जानकारी 3 सितंबर को मोबाइल पर आए मैसेज से मिली तब पुूलिस थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज करवाया। इस गैंग ने अलवर के अलावा कोटा शहर व अजमेर में इसी प्रकार कई वारदातें करना स्वीकार किया। इस गैंग ने नई दिल्ली में मुखर्जी नगर, गुरुग्राम में राजीव नगर, राजीव चौक समेत करीब 40 से 50 वारदातें करना स्वीकार किया है।