कलेक्ट्रेट में पुलिस और कर्मचारियों से उलझता कांग्रेसी पार्षद कपिल शर्मा
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अपने वार्ड सहित अलवर शहर में व्याप्त जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस के पार्षद कपिल राज शर्मा द्वारा अलवर नगर परिषद के सामने दिए जा रहे अनिश्चितकालीन धरने के 25वे दिन जब पार्षद नागरिकों के साथ जिला कलेक्टर को धरना ज्ञापन देने गए तो वहां हंगामा हो गया और हालात तनावपूर्ण हो गए। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस और पार्षद पक्ष के लोगों में हाथापाई की नौबत आ गई।
जानकारी के अनुसार पार्षद कपिल राज शर्मा का धरना नगर परिषद के सामने बदस्तूर चल रहा था। धरने को मंगलवार को 25वा दिन हो गया था। ऐसे में कपिल शर्मा के वार्ड के नागरिक आए और जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए रैली के रूप में पार्षद सहित अन्य कांग्रेसी नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे वहां पर ज्ञापन देने गए लोगों को कलेक्ट्रेट में घुसने नहीं दिया।
पार्षद कपिल शर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर से 5 जनों के मिलने की स्वीकृति मांगी गई थी जो कि नहीं दी गई और इसी दौरान रैली में साथ आए आक्रोशित लोगों ने हंगामा कर दिया और कलेक्टर से मिलने की जिद करने लगे । जब कलेक्टर ने मिलने का समय नहीं दिया तो कलेक्टर और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन एडीएम सिटी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हंगामा करने वाले लोगों को वहां से खदेड़ने की शुरुआत की जिससे हालात वहां तनावपूर्ण हो गए।
जब पुलिस ने उन्हें खदेड़ने शुरू किया तो हाथापाई की नौबत आ गई और जिला कलेक्टर के एक कर्मचारी की शर्ट भी फट गई । मौके पर पहुंची पुलिस ने कपिल राज शर्मा को हिरासत में लेकर अलवर कोतवाली थाने ले आई जैसे ही इसकी सूचना अन्य कांग्रेसियों को पता चला तो नगर परिषद में प्रतिपक्ष के नेता नरेंद्र मीणा पूर्व न्यास अध्यक्ष जगदीश बेनीवाल प्रदीप आर्य कांग्रेस नेता पवन सैनी सहित अनेक कांग्रेसी कोतवाली पहुंचे और जिला प्रशासन की कार्रवाई का विरोध जताया।