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Rajasthan: फांसी देने का कानून आया तो बढ़ गए दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले, राजस्थान सीएम गहलोत का अटपटा बयान

Sat, 06 Aug 2022 11:08 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सीएम गहलोत ने कहा कि देशभर से दुष्कर्म के बाद हत्या की जो रिपोर्ट आ रही हैं, वह बड़ी खतरनाक ट्रेंड है। देश में जो हालात हैं, वो ठीक नहीं है।
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सीएम गहलोत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सीएम अशोक गहलोत दिल्ली में है। इसी बीच मुख्यमंत्री गहलोत ने दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को फांसी देने का कानून अमल में आने के बाद से दुष्कर्म के बाद महिलाओं की हत्या के मामले में इजाफा हुआ है।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सीएम गहलोत ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद आरोपियों को फांसी देने की मांग ने जोर पकड़ा और इसके बाद कानून अमल में आया। ऐसे में दुष्कर्म के बाद महिलाओं की हत्या के मामले में इजाफा हुआ है। 


उन्होंने कहा कि देश में यह एक खतरनाक ट्रेंड बनकर उभरा है। दुष्कर्म करने वाले को लगता है कि पीड़िता उसके  खिलाफ गवाह बन जाएगी। वह दुष्कर्म भी करता है और हत्या भी कर देता है। जो रिपोर्ट देशभर से आ रही हैं, वह बड़ी खतरनाक ट्रेंड है। देश में जो हालात हैं वो ठीक नहीं है। लोकतंत्र के लिए बड़ा संकट का समय है, ऐसा हमने पहले कभी नहीं देखा है।

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अहम घमंड से चल रही भाजपा सरकार
वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने एनआई से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से लोकतंत्र के अंदर रैली निकलती है, आम जनता जुड़ती है तो सरकार की आंखें खुलती है कि वास्तव में जनता रैली का साथ दे रही है। इसका मतलब है कि कहीं न कहीं सरकार की नीतियों में चूक है तो सरकार को भी गुड गवर्नेंस के लिए इम्प्रूवमेंट का एक अवसर मिलता है। ये सरकार उससे भी चूकना चाहती है क्योंकि एरोगेंट है। अहम-घमंड में सरकार चल रही है।

ये लोग विपक्ष को तवज्जों नहीं दे रहे हैं
गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष के आंदोलन को कोई तवज्जो नहीं दे रही है ये इनके खुदके लिए घातक होगा मेरा मानना है। लोकतंत्र में इतनी छूट होनी चाहिए विपक्ष को कि वो खुलकर धरना-प्रदर्शन कर सके उससे गवर्नमेंट को ही फायदा होता है पर ये इतने अहम-घमंड में चल रहे हैं कि इन्हें किसी की परवाह ही नहीं है। इनको खाली हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति करनी है। 

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