फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नसबंदी के बाद भी पैदा हुई संतान, कोर्ट में पहुंचा मामला

Thu, 21 Dec 2017 03:46 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
डेमो इमेज
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट में एक अजीब मामला आया है। इसमें बताया गया है कि नसबंदी के बाद भी उनके संतान हो गई। ऐसे में उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाए।
विज्ञापन


इस पर हाईकोर्ट ने हिण्डौनसिटी में आयोजित राष्ट्रीय नसबंदी कैंप में हुए नसबंदी के फेल होने के मामले में क्षतिपूर्ति के विवाद का निपटारा केन्द्र सरकार के सर्कुलर के तहत दो माह में करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अदालत ने याचिकाकर्ता को अपना प्रतिवेदन विभाग में पेश करने को कहा है।

न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रविता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामावतार बोचल्या ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने दो संतान होने के बाद 18 नवंबर 2016 को नसबंदी कराई थी। नसबंदी के बावजूद याचिकाकर्ता के तीसरी संतान पैदा हो गई। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से क्षतिपूर्ति के लिए विभाग में संपर्क किया, लेकिन विभाग ने क्षतिपूर्ति देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि इस संबंध में केन्द्र सरकार ने 6 जुलाई 2006 और 3 जनवरी 2007 को सर्कुलर जारी कर क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान किया है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार को इन सर्कुलर के आधार पर विवाद का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें