भाजपा के एक वरिष्ठ नेता इतने नाराज हैं कि उन्होंने अपनी शिखा (चोटी) तक खोल ली है। साथ ही, कहा है कि वे तब तक अपनी चोटी नहीं बाधेंगे, जब तक ये तानाशाही शासन खत्म नहीं हो जाता।
बजट सत्र में शामिल होने के लिए भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी राजस्थान विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए मीडिया के सामने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे तानाशाही शासन के खिलाफ हैं और उनकी लड़ाई इसके खिलाफ जारी रहेगी। मीडिया ने उनसे उनकी खुली चोटी को लेकर सवाल पूछा था।
जयपुर के सांगानेर से विधायक और पार्टी के दिग्गज नेता तिवाड़ी ने उपचुनावों में मिली हार का जिम्मेदार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके मंत्रियों को बताया है। तिवाड़ी ने कहा कि हार के लिए केन्द्र नहीं, सिर्फ और सिर्फ राज्य सरकार ही जिम्मेदार है।
राजे सरकार है जिम्मेदार
फाइल फोटो।
उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी चोटी जब तक नहीं बांधेंगे जब तक कि सरकार के भ्रष्टाचारों की पोल नहीं खोल देते। घनश्याम तिवाड़ी बीते कुछ वर्षों से लगातार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते आए हैं। आज भी वे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते नजर आए।
गौरतलब है कि हाल ही राजस्थान में अजमेर व अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर उप चुनाव हुए थे, जिसमें भाजपा एक भी सीट पर नहीं जीत पाई। यही नहीं, लोकसभा क्षेत्रों में वोटिंग के जब विधानसभावार आंकड़े देखे, तो 17 सीटों में से एक पर भी भाजपा अपनी विरोधी पार्टी कांग्रेस से आगे नहीं निकल पाई।
सीएम पर बंगला हड़पने का भी लगाया आरोप
फाइल फोटो।
भाजपा विधायक और दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष राजे सरकार की कई नीतियों का खुलकर विरोध करते रहे है। वे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर ‘राजस्थान मंत्री वेतन विधेयक 2017’ की आड़ में सरकारी बंगले पर कब्जा करने का आरोप लगा चुके है। साथ ही राज्य सरकार के नौकरशों और राजनेताओं को बचाने वाले बिल के खिलाफ भी तिवाड़ी खुलकर बालते रहे है। गौरतलब है कि सांगानेर से विधायक आरएसएस के करीबी माने जाते है और वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतों से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।