प्रसिद्ध नाहरगढ़ किले में मानव लिंग की तरह दिखने वाली आकृति को शिवलिंग बताने पर आज हंगामा हो गया। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था भड़काने वाला कदम बताते हुए विरोध किया।
जयपुर के नाहरगढ़ किले में माघवेंद्र महल के म्यूजियम में करीब तीन फुट की मानव लिंग जैसी कलाकृति प्रदर्शित है। धरोहर बचाओ समिति के संरक्षक भारत शर्मा और अन्य लोग नाहरगढ़ पहुंचे और इस कलाकृति को वहां से हटाने की मांग करने लगे। पुरातत्व विभाग और म्यूजियम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ये लोग वहां धरना दे कर बैठ गए।
बाद में इस संबंध में ब्रह्मपुरी थाने में भी मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायती पत्र दिया गया। जिसमें पुरातत्व विभाग के अधिकारियों, म्यूजियम प्रबंधन और इस विवादित कलाकृति को बनाने वाले कलाकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने एवं इस आकृति को वहां से हटाने की मांग की गई है।
धार्मिक आस्था को नुकसान पहुंचाने आरोप
नाहरगढ़
- फोटो : Amar Ujala
धरोहर बचाओ समिति के भारत शर्मा के अनुसार, मानव लिंग इस आकृति को शिवलिंग बताया जाता है। इससे देश—विदेश में हिंदू धर्म की आस्था का उपहास होता है। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है।
उन्होंने इसे कृति को तत्काल हटाने की मांग की है। इस दौरान ढहर के बालाजी के संत हरिशंकर दास महाराज, पूर्व पार्षद कैलाश महावर, राजू अग्रवाल, राकेश माण्डोलिया, हितेश मिश्रा, विनोद मिश्रा, शिव पंडित, नितेश मिश्रा, मकेश कुशवाह, सुमित खंडेलवाल, पवन बोहरा आदि मौजूद थे।