राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का राजस्थान में विरोध होगा। इस पर अड़े गुर्जर समाज को सरकार तीन दिन की बैठकों के बाद भी यात्रा का विरोध न करने के लिए मना नहीं सकी है। गुरुवार को समन्वय समिति की बैठक का चौथा दिन है। सरकार के सूत्रों को उम्मीद है कि कोई न कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि गुर्जर समाज की अधिकांश मांगों पर राज्य सरकार सहमति जता चुकी है। जिन बातों पर सहमति नहीं है, उन पर सुलह की कोशिशें की जा रही है। इन मांगों में प्राथमिक रूप से गुर्जर आंदोलन में शामिल युवकों पर लगे मुकदमे हटाना महत्वपूर्ण है। इस पर दोनों ही पक्ष सहमत हैं। रीट में निकाली गई भर्ती और फिर अधिकारी की गलती बताकर उसे वापस लेने के मुद्दे पर विवाद पर गतिरोध बना हुआ है। सुलह में यह सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। इसे लेकर फिलहाल कोई रास्ता सरकार के पास नहीं दिख रहा है।
गुर्जर समाज के नेता को सुलह की उम्मीद
गुर्जर समाज के नेता विजय बैंसला के सूर बदल गए हैं। इस वजह से उम्मीद की जा रही है कि सुलह होने वाली है। विजय बैंसला ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को संवेदनशील व्यक्ति बताया है। यह भी कहा कि वे सबको साथ लेकर चलते हैं। इस वजह से गुर्जर समाज को मुख्यमंत्री गहलोत से काफी उम्मीदें हैं। वे गुर्जर समाज और शहीद कर्नल किरोड़ी बैंसला के बीच हुए करार और फैसलों का सम्मान करेंगे, यह उम्मीद है।
दो दिन बाद राजस्थान में आएगी यात्रा
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा तीन दिसंबर को झालावाड़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करेगी। राहुल गांधी झालावाड़ की झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र से राज्य में प्रवेश करेंगे। इसके बाद कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा और अलवर के मालाखेड़ा से होते हुए यात्रा राज्य के बाहर निकल जाएगी। भारत जोड़ो यात्रा प्रदेश के सात जिलों की 18 विधानसभा सीटों को कवर करेगी। इसमें झालावाड़ की झालरापाटन, कोटा की रामगंज मंडी, लाडपुरा, कोटा उत्तर और दक्षिण विधानसभा सीट शामिल हैं। इसके बाद यह यात्रा बूंदी जिले की केशवरायपाटन विधानसभा सीट से होते हुए टोंक जिले में प्रवेश करेगी। इस दौरान यात्रा देवली और उनियारा विधानसभा क्षेत्र से गुजरेगी। यात्रा सवाई माधोपुर विधानसभा इलाके से बामनवास और लालसोट पहुंचेगी और दौसा में प्रवेश करेगी। जिले की दौसा, लालसोट, सिकराय और बांदीकूई विधानसभा क्षेत्र से होते हुए अलवर पहुंचेगी। जिले की अलवर ग्रामीण, अलवर रामगढ़, राजगढ़ और लक्ष्मणगढ़ विधानसभा होते हुए राज्य से बाहर निकल जाएगी, यानी हरियाणा राज्य में प्रवेश करेगी।