यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम मामले में बचाव पक्ष की ओर से आज भी अंतिम बहस पूरी नहीं हो पाई।
जोधपुर में समय की कमी के कारण अनुसूचित जाति जनजाति अदालत के पीठासन अधिकारी मधुसुदन शर्मा ने सुनवाई को कल तक मुलतवी कर दी।
कोर्ट में पेश होते वक्त आसाराम ने कहा कि जो सहन करे वो संत है। उन्हें ईश्वर और न्यायापालिका पर भरोसा है, देर सवेरे निर्दोष को न्याय मिलेगा। आसाराम की ओर से अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने अंतिम बहस में हिस्सा लेते हुए कहा कि यह पूरा मामला सुनियोजित था। इस मामले में छह दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई थी। पहले शरद चन्द का कहीं पर हवाला नहीं था, लेकिन बाद में उसे भी जोड़ दिया गया। अब आगे की अंतिम बहस कल होगी।
वहीं सुनवाई के दौरान आज भी समर्थकों की भीड़ से अव्यवस्था हुई। इसको लेकर पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।