एनआईए ने एक और राजस्थानी आईएसआईएस अॉपरेटिव धर लिया है। जानकारी के अनुसार राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ निवासी 37 वर्षीय अमजद खान पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट की विचारधारा को फैलाने का आरोप है। इससे पूर्व राजस्थान से संबंधित चार आईएसआईएस अॉपरेटिवों को धरा जा चुका है।
एनआईए के अनुसार अमजद खान इंटरनेट के माध्यम से इस प्रकार की गतिविधयां संचालित कर रहा था। उसे चार अप्रेल को एनआईए ने डिपोर्ट के बाद भारत में गिरफ्तार कर लिया है। भारत सरकार के निवेदन पर सउदी अरब ने राजस्थान के निवासी एक व्यक्ति को देश से निकाल दिया है। जानकारी के अनुसार खान की गिरफ्तारी काफी अहम मानी जा रही है। एनआईए को उम्मीद है कि खान से बात की जानकारी मिल सकती है कि भारत में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के लिए कौन—कौन लोग काम कर रहें है।
एनआईए के अनुसार इस केस में खान मेजर ससपेक्ट है। अमजद खान वर्ष 2014 से ही रियाद में रह रहा था। इससे पूर्व राजस्थान से संबंधित तीन आईएसआईएस अॉपरेटिव धरे जा चुके हैं।
इनमें सबसे पहले दिसम्बर, 2015 में जयपुर से सिराजुद्दीन को पकड़ा था, जो इंडियन आयल कंपनी का असिस्टेंट मैनेजर था। एनआईए के अनुसार सिराजुद्दीन मुंबई में कई जगह बम ब्लास्ट करने की योजना में शामिल था। उसे केन्या की एक लड़की कनीता मीना ने प्यार का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया था। वह लीबिया जाकर इस लड़की से शादी करना चाहता था। उस लड़की का असली नाम मुनवैग अमीना मुवैज थ।
इसके बाद हैदराबाद से राजस्थान के टोंक जिले के निवासी अबू अनस को जनवरी 2016 में पकड़ा गया। अनस पाइप बम बनाना जानता था। गिरफ्तारी के समय उससे पाइप बम बनाने की सामग्री और वीडियो आदि बरामद किए गए थे।
फिर, नवम्बर 2016 में राजस्थान के सीकर जिले के फतहपुर निवासी जमील अहमद को धरा गया। जमील अहमद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 2003 से रहकर वहां एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी में काम करता था। उसे भारत आने पर गिरफ्तार कर लिया गया था।
जमील अहमद पर आरोप है कि यूएई में रहकर वह आईएसआईएस के प्रचार-प्रसार के साथ इस आतंकी संगठन के लिए कई बार हवाला से पैसे पहुंचाए थे। जमील भारत के साथ बांग्लादेश में भी आईएसआईएस के लिए प्रचार कर रहा था।