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राम रहीम की अनुयायी गायब होने का मामला, पुलिस बताए अब तक क्या किया

Thu, 12 Oct 2017 05:38 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राम रहीम - फोटो : self
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यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम के खिलाफ एक और मामले में गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने आईओ (जांच अधिकारी) के मामले के स्टेटस रिपोर्ट के साथ तलब किया है। कोर्ट मामले में हुई प्रगति के बारे में जानकारी लेना चाहती है। कोर्ट ने आईओ को 8 नवंबर को तलब करके पूछा कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

दरअसल, राम रहीम के खिलाफ जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में 7 मई 2015 को मामला दर्ज करवाया गया था, जिसमें राम रहीम पर एक कमलेश नाक के युवक ने अपनी पत्नी को गायब करने का आरोप लगाया था। कमलेश ने कोर्ट में परिवाद दर्ज कराते हुए बताया था कि वो और उसकी पत्नी गुड्‌डी राम रहीम के सिरसा आश्रम में गए थे, जहां उसकी पत्नी को कैद कर लिया गया।
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उसके मुताबिक घटना मार्च 2015 की है, जब एक सेवादार सिरसा स्थित आश्रम लेकर गया था। इसके कुछ दिन बाद गुड्डी को सेवादार यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसे बाबा की सेवा में जाना है। उसके बाद गुड्डी कभी लौटी ही नहीं।
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डेरे से गायब हुई है पत्नी

गुरमीत राम रहीम
इसी मामले को लेकर आज न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की अदालत में सुनवाई हुई। महिला के पति कमलेश द्वारा याचिका दायर की गई थी और पूरे मामले में निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग गई।

कमलेश ने आरोप लगाया था कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने उनकी अनुयायी पत्नी को बहला फुसलाकर गायब कर दिया है। वह डेरे पर बार-बार पत्नी को तलाशने गया, लेकिन उसे कोई नहीं मिलवा रहा। परिवादी कमलेश कुमार ने रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि पत्नी गुड्डी के कहने पर गत 24 मार्च 2015 को ट्रेन से सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा जाते समय एक सेवादार से मिला था।

डेरा में पहुंचने के बाद सेवादार 28 मार्च को उसकी पत्नी को दत्ता के बुलाने की बात कहकर ले गया। तब से उसकी पत्नी का पता नहीं चला। जानकारी के अनुसार मामले की जांच जवाहर सर्किल थाने के सबइंस्पेक्टर दिनेश कुमार को सौंपी गई थी। इसके बाद मुकदमे की जांच जवाहर सर्किल थाने से ट्रांसफर कर एसीपी मालवीय नगर को सौंपी गई।
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