सिंगापुंर में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। पुरुष बन कर रह रहीं एक 40 साल की महिला को एक किशोरी के यौन उत्पीड़न के आरोप में दस साल की सजा मिली है। जुनिका अहमद जैविक रूप से महिला हैं। लेकिन कई साल से वह आदमी बन कर रह रही थी और उसने दो महिलाओं से शादी भी की थी। यही नहीं वह एक किशोरी लड़की के पिता के तौर पर पंजीकृत भी थीं।
अहमद को सिंगापुर की सर्वोच्च न्यायालय से सजा मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने महिला को बरी करने के हाई कोर्ट के आदेश को पलट दिया था। हाई हाई कोर्ट ने यह कह कर महिला को बरी किया था कि किशोर के यौन उत्पीड़न के अपराध में सिर्फ पुरुष को ही अभियुक्त बनाया जा सकता है। महिला के परिवार और 13 साल की पीड़ित को जुनिका अहमद की असली पहचान के बारे में जानकारी नहीं थी।
अहमद अपनी पड़ोसी का यौन शोषण दो साल से कर रही थी। हालांकि लड़की अपनी सहमति से यौन संबंधों में थी लेकिन तब भी इसे गैर कानूनी माना गया, क्योंकि सिंगापुर में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 16 साल है। यह मामला जब सामने आया तब अहमद ने संबंध खत्म कर दिए और पीड़ित झगड़े के बाद पुलिस में चली गईं।