अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के तीन हाईटेक सलाहकारों को एच-1बी वीजा की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनपर कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इस बात की जानकारी अमेरिकी अधिकारियों ने दी है।
बताया जा रहा है कि तीनों व्यक्ति कथित तौर पर उन नौकरियों के लिए एच-1बी वीजा के गलत आवेदन जमा करते थे, जो होती ही नहीं थीं। इन व्यक्तियों ने खुदपर लगे आरोपों से इनकार किया है और बाद में इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक ये लोग एक सलाहकार कंपनी चलते थे, लोगों को नौकरी दिलाने के बहाने ये नकली एच-1बी वीजा के आवेदन जमा करते थे। वह आवेदन में लिखते थे कि लोगों को लिए नामित कंपनी में नौकरी हैं जबकि असल में इन आरोपियों को पता था कि ऐसी कोई नौकरी ही है।
एच-1बी गैर-आव्रजक वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को आईटी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। अमेरिकी सरकार के डाटा के अनुसार बीते साल 309,986 एच-1बी वीजा (74 फीसदी) भारतीयों को मिले थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने बीते साल एच-1बी वीजा के प्रावधानों में बदलाव की घोषणा की थी। जिसके तहत बेहद कुशल विदेशी पेशेवरों को ही वीजा मिल सके।