Mikhail Popkov, Russian serial killer
महिलाएं सुरक्षा कारणों से उसकी कार में लिफ्ट ले लेतीं थीं मगर उन्हें नहीं पता होता था कि लिफ्ट देने वाला पुलिसकर्मी सीरियल किलर है। पोपकोव हमेशा वारदात उस समय करता था, जब वह ऑफ ड्यूटी होता था।
हत्याओं के लिए वह अपने होम टाउन अंगारस्की जो रूस के इर्कूटस्क ओबलास्ट जिले में पड़ता है, उसके आसपास की लोकेशन चुनता था। पीड़ित सभी 16 से 40 के बीच की आयु वाली महिलाएं थीं, वहीं पोपकोव ने एक पुरुष पुलिसकर्मी की भी हत्या कर दी थी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पोपकोव ने खुद को क्लीनर (सफाईकर्मी) बताते हुए कहा कि, वह शहर को वेश्यामुक्त बनाना चाहता है। एक न्यूज साइट से बातचीत में उसने दिसंबर में कहा था कि, महिलाओं को मारने के लिए उसने हथौड़ा या कुल्हाड़ी चुनी। पहले अपराध के बाद उसे थोड़ा सा डर महसूस हुआ था।
उसने बताया कि वह उन्हीं महिलाओं को लिफ्ट देता था जो नशे में होतीं थीं। अपने करियर के दौरान कई महिलाओं से दुष्कर्म करने और मर्डर करते-करते 1998 में पोपकोव रिटायर हो गया था।
इनवेस्टिगेटर येवगेनी कराचेवस्की ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी हत्याओं की अनियंत्रित इच्छा रता है। उस पर मर्डर का पागलपन सवार है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में कई वेश्याएं और नशीली दवाओं की आदी महिलाएं शामिल थी, लेकिन ज्यादातर महिलाएं साधारण परिवार से थीं।