शियाओं को निशाना बनाए जाने का विरोध करने वाले पाकिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम जकी की कराची में तालिबानी हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। जकी (40) सोशल मीडिया पर अभियान चलाने के लिए भी जाने जाते थे। हमले में उनके दोस्त एवं पत्रकार राव खालिद की भी मौत हो गई।
दोनों को उस समय गोली मारी गई जब वे शनिवार रात न्यू कराची के सेक्टर-11 में एक रेस्तरां से भोजन करके लौट रहे थे। चार हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए थे। हमले में एक अन्य राहगीर असलम गंभीर रूप से जख्मी हुआ है।
इस पूरे मामले को एक सांप्रदायिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है। तालिबान के हकीमुल्ला महसूद गुट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी संगठन ने कहा कि लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल अजीज के बारे में जकी के विचारों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया
शियाओं के लिए काम करने पर हुई हत्या
हत्या से आक्रोशित लोगों ने मुख्यमंत्री आवास पर धरना दिया
- फोटो : Dawn
एक पुलिस अधिकारी ने कहा है कि यह सांप्रदायिक हमला हो सकता है क्योंकि मारे गए दोनों लोग शिया समुदाय से ताल्लुक रखते थे। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने शव के साथ विरोध प्रदर्शन किया
सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए है और 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुकद्दस हैदर ने बताया कि तालिबानी गुट के दावे की अभी पुष्टि की जा रही है। पूर्व पत्रकार जकी उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने ‘लेट अस बिल्ड पाकिस्तान’ फेसबुक पेज की शुरुआत की थी।
हाल ही में इस पेज को पाकिस्तान के दूरसंचार प्राधिकरण ने ब्लॉक कर दिया था। सिंध प्रांत के गृह मंत्री सुहैल अनवर सियाल ने जकी की हत्या के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद आक्रोशित लोग जकी के शव को लेकर मुख्यमंत्री के आवास के पास पहुंचे और धरना दिया।
लाल मस्जिद के मौलवी के खिलाफ छेड़ी थी मुहिम
लाल मस्जिद
जकी ब्लॉगर, पत्रकार और धार्मिक विद्वान भी थे। उन्होंने शिया मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले लाल मस्जिद के मौलवी अब्दुल अजीज के खिलाफ मुहिम का नेतृत्व किया था।
जकी की मुहिम की वजह से ही अजीज के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। जकी पाकिस्तान में मानवाधिकार के बड़े पैरोकार और उदारवादी धार्मिक विचारों के प्रचारक के तौर पर उभरे थे। वह चरमपंथ की सभी रूपों में निंदा करते थे।