तस्वीर में जो ये महिला दिखाई दे रही है, उसे जिन बच्चों को पालने की जिम्मेदारी दी गई, वह उनके साथ इतनी बेरहमी से पेश आई, उसके हाथ नहीं कांपे।
उसने न सिर्फ तीनों बच्चों को पीटा, बल्कि उन्हें जलाया भी। मामले में कोर्ट ने उसे दोषी ठहरा दिया है। आरोपी महिला का कहना है कि 'मैं खुद पर नियंत्रण नहीं कर सकी'। उसने कथित तौर पर तीन बच्चों के परिवार से माफी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए 15 साल की जेल में की सजा सुनाई है।
न्यूज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 32 साल की लिडिआ क्विलिगाना नाम की महिला ने एक साल के लिए डेनबरी में एक परिवार के लिए एक आया के रूप में काम किया था।दिसंबर 2014 में उन्हें संदेह हुआ कि उनके बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। परिवार ने अपनी सबसे छोटी बेटी के आंखों में काला धब्बा और जले हुए हाथ देखे तो उन्होंने आया के कमरे में एक कैमरा छुपाकर लगाया। जिससे उसकी हरकतों पर नजर रखी जा सके। आया से जब बच्चे की मां ने उससे पूछताछ की, तो उसने झूठ बोलते हुए कहा कि, बच्चा स्टोव के पास एक कुर्सी पर खड़ा था और अचानक उसके हाथ जल गए।
बाल शोषण और यातना की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद
Accused nanny
- फोटो : crime online
मार्च 2015 तक, कैमरा में 10 दिनों में आया के हाथों बाल शोषण और यातना की तस्वीरें दर्ज की गई। दुर्व्यवहार के अन्य उदाहरणों में, आया एक 3 साल के बच्चे के बाल को चारों ओर झुलाते हुए दिख रही है।साथ ही एक खिलौना बॉक्स में एक साल के जुड़वा बच्चों को लॉक कर उसके चेहरे पर थप्पड़ मारते दिख रही है।
तस्वीरें सामने आने पर मैं क्विलिगाना ने सफाई देते हुए कहा कि मैं खुद को नियंत्रित नहीं कर सका मेरा विश्वास करो, मैं उन सभी बच्चों को दिल से प्यार करता था मैं एक हजार बार माफी मांगती हूँ। आरोपी मूलतः इक्वाडोर की रहने वाली है, उसने एक दुभाषिया के माध्यम से अपनी बात कही।
बच्चों की मां ने कहा, मैं किसी भी कीमत पर तुम्हें माफ नहीं कर सकती हूं। आपके व्यवहार के लिए कोई बहाना नहीं है। न्यायालय के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कभी इस तरह का मामला नहीं देखा था। पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले अटॉर्नी शेरोन डोर्नफेल्ड ने कहा कि बच्चों की यातना भ्रष्ट क्रूरता है। सहायक राज्य के अटार्नी वॉरेन मरे ने कहा कि वीडियो में दिखाया गया है कि क्विलिगाना ने 10 दिनों में हर दिन सीधे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया।