जिस बेटी को बचपन में बड़े अरमानों से पाला उसे हैवानों की हवस का शिकार बनते देख ये 'ममतामयी' मां 'चंडी' बन गई, फिर बेटी के बलात्कारियों का पीछा कर एक की हत्या और दो को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
जिसके बाद अब साउथ अफ्रीका की अदालत ने उस महिला को आरोपों से बरी कर दिया है। महिला के वकील के अनुसार घटना इस साल सितंबर की है।
क्या हुआ था उस दिन
कोर्ट
दरअसल 56 वर्षीय महिला ने उस बुरे वक्त के दौरान पुलिस को फोन लगाया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया, बेसहाय महसूस कर रही मां खुद किचन से चाकू उठाकर आरोपियों के पीछे 3 किमी तक भागी और चाकूओं से गोदकर एक आरोपी को मौत के घाट उतार दिया।
कोर्ट ने किया बरी
मामले में मंगलावर (10 अक्टूबर) को कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद महिला को हत्या समेत सभी आरोपों से बरी कर दिया। दूसरी तरफ हमले में घायल अन्य 2 आरोपियों को उसी कोर्ट में रेप के आरोप में पेश किया जाएगा, जहां पीड़िता की मां के खिलाफ केस चल रहा था। फिलहाल महिला का नाम उजागर नहीं किया गया है।
जिस बलात्कारी की हत्या हुई उसका नाम जमाइल सियाका बताया जा रहा है जबकि अन्य दो आरोपियों का नाम जोलीसा सीयाका और म्नेस्सिसी वूबा है, जिन्हें गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के अनुसार उन दोनों की हालत भी नाजुक बताई जा रही है।
'हत्या नहीं सुरक्षा था इरादा'
हत्या के आरोपों से बरी हुई पीड़िता की मां ने कहा कि, 'मेरा मकसद अपनी बेटी को सुरक्षित करना था, ये हादसा हत्या नहीं आत्मरक्षा में उठाया गया एक कदम था। उन्होंने मेरी बेटी की जिंदगी में भूचाल ला दिया फिर भी मैं उस शख्स की मौत से वाकई दुखी हूं।'
अब महिला को उम्मीद है कि एनजीओ वाले उनके लिए किसी ऐसे सुरक्षित जगह का इंतजाम करेंगे जहां खोजेंगे ताकि मेरी बेटी की पढ़ाई हो सके।